
चीन की सेना ने अरुणाचल प्रदेश से किशोर का अपहरण किया: भाजपा सांसद तापिर गाओ
The Wire
अरुणाचल प्रदेश से भाजपा सांसद तापिर गाओ ने कहा कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने राज्य के अपर सियांग ज़िले से 17 वर्षीय एक किशोर का अपहरण कर लिया है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा है कि हम मिराम तरोन के परिवार के साथ हैं और उम्मीद नहीं छोड़ेंगे, हार नहीं मानेंगे. प्रधानमंत्री की बुज़दिल चुप्पी ही उनका बयान है- उन्हें फर्क नहीं पड़ता!
नई दिल्ली: अरुणाचल प्रदेश से भाजपा सांसद तापिर गाओ ने बीते बुधवार को कहा कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने राज्य में भारतीय क्षेत्र के अपर सियांग जिले से एक 17 वर्षीय किशोर का अपहरण कर लिया है. 2/2His friend escaped from PLA and reported to the authorities.All the agencies of Govt of India is requested to step up for his early release.@narendramodi @AmitShah @rajnathsingh @PemaKhanduBJP @ChownaMeinBJP @adgpi गणतंत्र दिवस से कुछ दिन पहले भारत के एक भाग्य विधाता का चीन ने अपहरण किया है- हम मीराम तारौन के परिवार के साथ हैं और उम्मीद नहीं छोड़ेंगे, हार नहीं मानेंगे।
गाओ ने कहा कि अपहृत किशोर की पहचान मिराम तरोन के रूप में हुई है. उन्होंने कहा कि चीनी सेना ने सियुंगला क्षेत्र के लुंगता जोर इलाके से किशोर का अपहरण किया. — Tapir Gao (@TapirGao) January 19, 2022 PM की बुज़दिल चुप्पी ही उनका बयान है- उन्हें फ़र्क़ नहीं पड़ता!
सांसद ने लोअर सुबनसिरी जिले के जिला मुख्यालय जीरो से फोन पर कहा कि पीएलए से बचकर भागने में कामयाब रहे तरोन के मित्र जॉनी यइयिंग ने स्थानीय अधिकारियों को अपहरण के बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि दोनों किशोर जिडो गांव के रहने वाले हैं. — Rahul Gandhi (@RahulGandhi) January 20, 2022
सांसद ने कहा कि यह घटना उस स्थान के पास हुई, जहां त्सांगपो नदी भारत (अरुणाचल प्रदेश) में प्रवेश करती है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीयर स्टारमर ईरान के साथ युद्ध को लेकर अलग-अलग रुख पर खड़े दिखाई दे रहे हैं. ब्रिटिश टैब्लॉयड द सन को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका-ब्रिटेन सबसे मजबूत रिश्तों में से एक था. यह देखकर दुख होता है कि यह रिश्ता अब पहले जैसा नहीं रहा.

अमेरिका और इज़रायल के हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की हत्या की भारत के विपक्षी दलों ने कड़ी निंदा की है. विपक्ष ने केंद्र सरकार की विदेश नीति की भी आलोचना करते हुए कहा कि लंबे समय से ‘मित्र’ रहे ईरान पर थोपे गए युद्ध को लेकर सरकार की प्रतिक्रिया भारत के मूल्यों, सिद्धांतों और हितों के साथ ‘विश्वासघात’ है.





