
गुनाहगार साबित हुए राज कुंद्रा, तो कितने साल तक खानी होगी जेल की हवा?
Zee News
मशहूर बॉलीवुड एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी के पति और बिजनेस मैन राज कुंद्रा पॉर्नोग्राफी का कारोबार करने के आरोप में फिलहाल मुंबई पुलिस की गिरफ्त में हैं. किस तरह राज कुंद्रा ने भारत के कानून से बचने के लिए लंदन से अपने पॉर्नोग्राफी का कारोबार फैलाया. आपको भारत में पॉर्नोग्राफी के नियम कानून को अच्छे से समझ लेना चाहिए.
नई दिल्ली: क्या आपने सोचा है कि पॉर्नोग्राफी के मामले में अगर बॉलीवुड की जानी मानी एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा दोषी साबित होते हैं तो उन्हें कितनी सजा होगी. कुंद्रा को मुंबई क्राइम ब्रांच की प्रॉपर्टी सेल ने पॉर्न फिल्में बनाने और ऐप के जरिए इन्हें जारी करने के मामले में गिरफ्तार किया है और कोर्ट ने 23 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है. राज कुंद्रा के पॉर्नोग्राफी कारोबार से जुड़े हर किरदार के बारे में जानना चाहिए और आपको ये भी बताएंगे अगर वो गुनहगार साबित हुए तो कितनी सजा मिलेगी? लेकिन पहले पहले ये समझिए कि राज कुंद्रा ने कैसे पॉर्नोग्राफी के बिजनेस मॉडल को मुंबई से लंदन तक फैलाया और पॉर्नोग्राफी के कारोबार के दौरान न पकड़े जाएं इसकी पूरी एहतियात बरतने के बावजूद कैसे राज कुंद्रा कैसे सलाखों के पीछे पहुंच गए.
Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.

India Nuclear Powered Submarine: साल 2040 तक भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा न्यूक्लियर पावर्ड पनडुब्बी ऑपरेटर बन सकता है. इस दौरान भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़ देगा. अमेरिका, रूस और चीन के बाद चौथा देश बन जाएगा. दुनिया में सबसे ज्यादा न्यूक्लियर सबमरीन अमेरिका के पास हैं. इनकी संख्या 60 से 70 के बीच है.

DRDO hypersonic missile: भारतीय नौसेना एक बेहद लंबी दूरी वाली, हवा से लॉन्च होने वाली 'एंटी-शिप बैलिस्टिक' मिसाइल हासिल करने की योजना बना रही है. यह मिसाइल 1,000 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम होगी. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि हमारे लड़ाकू विमान दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम की रेंज में आए बिना ही उनके जहाजों को समंदर की गहराइयों में भेज सकेंगे.

30MM Naval Gun Indian Navy: यह गन सिस्टम भारत फोर्ज के आर्टिलरी सेक्टर में अनुभव पर आधारित है. कंपनी पहले ही 30×173 मिमी NATO स्टैंडर्ड कैलिबर पर आधारित मॉड्यूलर टर्रेट्स विकसित कर चुकी है. इनका इस्तेमाल इंफैंट्री कॉम्बैट व्हीकल्स में होता है. यही कैलिबर समुद्री नजदीकी लड़ाई (Close-Range Engagement) के लिए भी प्रभावी माना जाता है.









