
'खुदा ने मुझे रखवाला बनाया, किसी पद की चाहत नहीं...', पाकिस्तानी में तख्तापलट की अटकलों के बीच बोले आर्मी चीफ आसिम मुनीर
AajTak
पाकिस्तानी आर्मी के चीफ जनरल आसिम मुनीर ने यह भी कहा कि पाकिस्तान में नेतृत्व परिवर्तन के ऐसे दावे नागरिक या सैन्य एजेंसियों की ओर से नहीं किए गए हैं, बल्कि उन लोगों की तरफ से किए गए हैं जो देश में राजनीतिक व्यवस्था को अस्थिर करना चाहते हैं.
पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर आए दिन भारत के खिलाफ जहर उगलते रहते हैं और अब वह पाकिस्तानी आवाम को बरगलाने में लगे हैं. ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना से बुरी तरह पिटने के बाद भी शहबाज शरीफ ने मुनीर को प्रमोशन देते हुए फील्ड मार्शल बना दिया था. लेकिन आसिम मुनीर का कहना है कि खुदा ने उन्हें रखवाला बनाया है और वह किसी भी पद की चाहत नहीं रखते.
'शहादत मेरी सबसे बड़ी इच्छा'
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर ने कहा है कि देश के राजनीतिक माहौल में उनकी कोई महत्वाकांक्षा नहीं है और वह सिर्फ खुद को देश का सेवक मानते हैं. 'जंग मीडिया ग्रुप' के कॉलमिस्ट सुहैल वराइच ने शनिवार को प्रकाशित एक आर्टिकल में दावा किया कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख ने अमेरिका की अपनी यात्रा के बाद बेल्जियम के ब्रुसेल्स में हाल ही में एक बैठक के दौरान उनसे व्यक्तिगत तौर पर इस मामले पर बात की थी.
ये भी पढ़ें: अमेरिकी रक्षा विशेषज्ञ ने यूं ही नहीं कहा आसिम मुनीर को ओसामा बिन लादेन
कॉलमिस्ट ने कहा कि मुनीर ने ब्रुसेल्स में एक कार्यक्रम के दौरान मंच से कहा था, 'खुद ने मुझे देश का रखवाला बनाया है. मैं इसके अलावा किसी अन्य पद की इच्छा नहीं रखता.' पाकिस्तान स्थित अखबार के मुताबिक मुनीर ने कहा, 'मैं एक सिपाही हूं और मेरी सबसे बड़ी इच्छा शहादत है.'
तख्तापलट को बताया अफवाह

NATO बिना अमेरिका के युद्धाभ्यास कर रहा है. यानी अब वर्ल्ड ऑर्डर बिना अमेरिका के तय हो रहा है और इसे बर्दाश्त करना उसके लिए मुश्किल हो रहा है. इसलिए अमेरिका अपनी प्रासंगिकता बनाए रखने के लिए किसी को टैरिफ की धमकी दे रहा है, किसी को युद्ध की धमकी दे रहा है.अब अमेरिका ने ईरान पर हमला ना करने के बदले अपनी कई शर्तें मानने की चेतावनी दी है. ऐसे में सवाल है क्या अमेरिका अपने वर्चस्व को बरकरार रखने के लिए कोई बड़ा कदम उठा सकता है? देखें ब्लैक एंड व्हाइट.

देश की सर्वोच्च अदालत ने UGC के नए नियमों से सामान्य वर्ग को नफरती करके फंसाए जाने की आशंका को गंभीरता से लिया है. कॉलेज कैंपस में भेदभाव रोकने के नाम पर 13 जनवरी के नियमों को सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है. इसके बाद सामान्य वर्ग की राजनीतिक ताकत और इस मुद्दे के व्यापक मायनों पर चर्चा तेज हो गई है. जातिगत भेदभाव रोकने के लिए बनाए गए इन नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक ने इसके भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

प्रयागराज माघ मेले से लौटे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने सरकार को गोहत्या और मांस निर्यात के मुद्दे पर कड़ी चेतावनी दी है. शंकराचार्य ने साफ कहा है कि अगर सरकार द्वारा निर्धारित शर्तें पूरी नहीं की गईं, तो वे मुख्यमंत्री को नकली हिंदू घोषित करेंगे. यह बयान राजनीतिक और सामाजिक विवादों को जन्म दे सकता है क्योंकि गोहत्या और मांस निर्यात जैसे मुद्दे प्रदेश के भीतर संवेदनशील विषय हैं.










