
क्या Ukraine-Russia War Putin की सत्ता खतरे में डाल सकती है? जानें
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American President Joe Biden चाहते हैं कि Putin को सत्ता से दूर किया जाए. लेकिन क्या Ukraine Russia War Putin की सत्ता खतरे में डाल सकती है? क्या पुतिन का तख़्त खतरे में है? जवाब है नहीं. आखिर क्यों Putin की सत्ता हिलाना आसान नहीं है. Russia पर Putin का कब्जा कुछ सालों का नहीं है..23 साल, Putin इस देश को 23 साल से रूल कर रहे हैं. इन 23 सालों में Putin के खिलाफ बहुत कम आवाजें उठी हैं. KGB में काम करने की वजह से उन्हें देश की Security Front पर मास्टरी हासिल है. Russia का पुराना कानून कहता है कि कोई भी व्यक्ति लगातार दो कार्यकाल से ज्यादा राष्ट्रपति नहीं बन सकता, लेकिन पुतिन ने ये कानून भी बदल दिया. बीते साल पुतिन ने एक नए कानों पर हस्ताक्षर किए जिससे अब अगर वो चाहें तो 2036 तक राष्ट्रपति की बन सकते हैं. देखें वीडियो.

अमेरिका की 250वीं स्वतंत्रता वर्षगांठ पर जारी होने वाले विशेष सोने के सिक्के को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. प्रस्तावित सिक्के पर डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीर छापने के फैसले ने कानूनी और राजनीतिक बहस छेड़ दी है. जहां ट्रंप समर्थक इसे राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बता रहे हैं, वहीं विरोधी इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बता रहे हैं.

जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी ने रविवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बिछी बारूदी सुरंगों को हटाने का प्रस्ताव रखा है. उन्होंने कहा है कि यदि अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच सीजफायर हो जाता है तो जापान होर्मुज जलडमरूमध्य में बिछी समुद्री बारूदी सुरंगों (नेवल माइंस) को हटाने के लिए अपने अत्याधुनिक 'माइनस्वीपर' जहाज तैनात करेगा.

ईरान जंग से तेल $112 प्रति बैरल तक पहुंच रहा है. एयरलाइंस उड़ानें काट रही हैं. ट्रांसपोर्ट महंगा हो रहा है. जापान, दक्षिण कोरिया, बांग्लादेश में फ्यूल राशनिंग शुरू हो गई है. IEA का 10-पॉइंट प्लान आ गया है. दुनियाभर की सरकारें इसे एनर्जी सिक्योरिटी कहेंगी, लेकिन असर लॉकडाउन जैसा दिखना शुरू हो चुका है. इस बार चेतावनी भी नहीं मिलेगी.

जापान ने कहा है कि अगर इजरयाल-अमेरिका का ईरान के साथ जो युद्ध जल रहा है, उसपर अगर पूरी तरह से विराम लगता है तो वह होर्मुज के रास्ते से माइंस हटाने का सोचेगा. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो दिन पहले ही जापान के प्रधानमंत्री से मुलाक़ात की थी. इस मुलाक़ात के बाद जापान की ओर से यह बयान जारी किया गया है.

ईरान ने दक्षिण इजरायल के अराद और डिमोना में भीषण मिसाइल हमले किए है. इजरायली विदेश मंत्रालय के मुताबिक इस हमले में बच्चों समेत 100 से ज्यादा लोग घायल है. ईरान ने इन हमलों के लिए बैलिस्टिक मिसािलों का इस्तेमाल किया और डिमोनो शहर जहां इजरायल का सबसे बड़ा परमाणु संयंत्र के पास ये हमला हुआ, जो कि बड़ा चिंता का विषय है.








