
कोवैक्सीन भ्रष्टाचार: कोर्ट ने ब्राज़ील के राष्ट्रपति के ख़िलाफ़ जांच की मंज़ूरी दी
The Wire
ब्राज़ील के राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के ख़िलाफ़ भारत बायोटेक के कोविड-19 टीके ‘कोवैक्सीन’ संबंधी एक सौदे में भ्रष्टाचार के आरोपों पर कथित रूप से कार्रवाई नहीं करने का आरोप है. ब्राज़ील के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शनिवार को देशभर में बोल्सोनारो के ख़िलाफ़ महाभियोग चलाने की मांग को लेकर प्रदर्शन हुए हैं.
रियो डी जेनेरियो: ब्राजील में भारत बायोटेक के कोविड-19 टीके संबंधी एक सौदे में भ्रष्टाचार (कोवैक्सीनगेट) के आरोपों पर कथित रूप से कार्रवाई नहीं करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश ने राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के खिलाफ आधिकारिक जांच की मंजूरी दी है, जिसके एक दिन बाद शनिवार को देशभर में बोल्सोनारो के खिलाफ प्रदर्शन हुए. देश के 40 से अधिक शहरों में सैकड़ों-हजारों प्रदर्शनकारियों ने बोल्सोनारो के खिलाफ महाभियोग चलाने या कोविड-19 टीकों तक पहुंच मुहैया कराए जाने की मांग की. पारा की राजधानी बेलेम में एक प्रदर्शनकारी ने पोस्टर थाम रखा था, जिस पर लिखा था, ‘यदि हम कोविड-19 के कारण हर मौत के लिए एक मिनट का मौन रखें, तो हम जून 2022 तक मौन ही रहेंगे.’ आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, ब्राजील में संक्रमण से पांच लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीयर स्टारमर ईरान के साथ युद्ध को लेकर अलग-अलग रुख पर खड़े दिखाई दे रहे हैं. ब्रिटिश टैब्लॉयड द सन को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका-ब्रिटेन सबसे मजबूत रिश्तों में से एक था. यह देखकर दुख होता है कि यह रिश्ता अब पहले जैसा नहीं रहा.

अमेरिका और इज़रायल के हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की हत्या की भारत के विपक्षी दलों ने कड़ी निंदा की है. विपक्ष ने केंद्र सरकार की विदेश नीति की भी आलोचना करते हुए कहा कि लंबे समय से ‘मित्र’ रहे ईरान पर थोपे गए युद्ध को लेकर सरकार की प्रतिक्रिया भारत के मूल्यों, सिद्धांतों और हितों के साथ ‘विश्वासघात’ है.





