
कोविड महामारी के बीच समाचारों पर भरोसा बढ़ा है, पर भारत में औसत से नीचे: रिपोर्ट
The Wire
ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के ‘रॉयटर्स इंस्टिट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ जर्नलिज्म’ द्वारा किए सर्वेक्षण में कहा गया है कि भारत में पुराने प्रिंट ब्रांड और सरकारी प्रसारक दूरदर्शन और ऑल इंडिया रेडियो अधिक भरोसेमंद हैं, जबकि प्रिंट मीडिया, सामान्य तौर पर समाचार चैनलों की तुलना में अधिक भरोसेमंद माने गए.
नई दिल्ली: कोरोना वायरस महामारी के बीच खबरों पर भरोसा बढ़ा है. वैश्विक स्तर पर 44 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे ज्यादातर समाचारों पर भरोसा करते हैं, लेकिन भारत में यह आंकड़ा औसतन 38 प्रतिशत से कम है. बुधवार को जारी एक सर्वेक्षण में यह जानकारी दी गई है. Digital News Report 2021 out today! ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के ‘रॉयटर्स इंस्टिट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ जर्नलिज्म’ द्वारा किए गए 46 देशों के सर्वेक्षण में समाचारों पर विश्वास के मामले में फिनलैंड 65 प्रतिशत के साथ सबसे ऊपर है, जबकि अमेरिका 29 प्रतिशत स्कोर के साथ सबसे नीचे है. 📊 46 markets, 92,000+ respondents👩🏾🏫 Up to date, cross-national analysis from @nicnewman @dragz @annisch @simgandi Craig T. Robertson @rasmus_kleis & our partners वहीं, भारत में पुराने प्रिंट ब्रांड और सरकारी प्रसारक दूरदर्शन और ऑल इंडिया रेडियो अधिक भरोसेमंद हैं, जबकि प्रिंट मीडिया, सामान्य तौर पर, समाचार चैनलों की तुलना में अधिक भरोसेमंद माने गए. 📱 Full report here https://t.co/lzsPpl6NM6🧶 Findings in thread #DNR21 pic.twitter.com/K781WjvMXx — Reuters Institute (@risj_oxford) June 23, 2021
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीयर स्टारमर ईरान के साथ युद्ध को लेकर अलग-अलग रुख पर खड़े दिखाई दे रहे हैं. ब्रिटिश टैब्लॉयड द सन को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका-ब्रिटेन सबसे मजबूत रिश्तों में से एक था. यह देखकर दुख होता है कि यह रिश्ता अब पहले जैसा नहीं रहा.

अमेरिका और इज़रायल के हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की हत्या की भारत के विपक्षी दलों ने कड़ी निंदा की है. विपक्ष ने केंद्र सरकार की विदेश नीति की भी आलोचना करते हुए कहा कि लंबे समय से ‘मित्र’ रहे ईरान पर थोपे गए युद्ध को लेकर सरकार की प्रतिक्रिया भारत के मूल्यों, सिद्धांतों और हितों के साथ ‘विश्वासघात’ है.





