
किसान आंदोलनः नुकीले तार, सीमेंट की दीवार, दिल्ली की किलेबंदी पर पुलिस ने खर्च किए 9.7 लाख
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किसानों को दिल्ली में घुसने के लिए पुलिस ने फरवरी में सभी बॉर्डर पर कड़ी किलेबंदी कर दी थी. इसके लिए पुलिस ने 9.7 लाख रुपए खर्च किए. आरटीआई में इस बात की जानकारी सामने आई है.
खेती से जुड़े तीन कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने 1 फरवरी को जबरदस्त बैरिकेडिंग की थी. किसान दिल्ली में न घुस पाएं, इसके लिए पुलिस ने सड़कों पर नुकीले तार बिछा दिए थे, सीमेंट की दीवार खड़ी कर दी थी. देखकर ऐसा लग रहा था कि मानो युद्ध जैसे हालात हों. ये सब इसलिए हुआ था क्योंकि 26 जनवरी पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प हो गई थी. इसने न केवल भारतीय मीडिया बल्कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया का ध्यान भी अपनी ओर खींचा था. अंतरराष्ट्रीय मीडिया में दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई की आलोचना की गई थी. लेकिन, ये सब करने में दिल्ली पुलिस ने कितना पैसा खर्च किया? ये जानने के लिए इंडिया टुडे ने राइट टू इन्फोर्मेशन यानी आरटीआई का इस्तेमाल किया और दिल्ली पुलिस में एक आरटीआई दाखिल की. हमने ये भी पूछा कि जहां-जहां किसान प्रदर्शन कर रहे हैं, वहां-वहां पुलिस की तैनाती में कितना खर्च आया?
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