
काबुल से नहीं गए ये विदेशी सैनिक, रात के अंधेरे में चलाएंगे सीक्रेट ऑपरेशन!
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अफगानिस्तान (Afghanistan) में फंसे अपने लोगों को बचाने के लिए पूर्व विदेशी सैनिकों का एक गठबंधन गुप्त रूप से काम कर रहा है. इतना ही नहीं राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) की सैन्य वापसी (US Army Withdrawal) के बाद भी ये गठबंधन अपने मिशन को अफगानिस्तान में जारी रखने की योजना बना रहा है.
अमेरिकी सेना (US Army) अफगानिस्तान (Afghanistan) से जा चुकी है. काबुल एयरपोर्ट (Kabul Airport) से अमेरिकी सेना के अंतिम तीन विमानों ने भी (US Army Withdrawal) सोमवार की देर रात उड़ान भरी. हालांकि, नाटो (NATO) सैनिक अफगानिस्तान में एक 'सीक्रेट मिशन' की योजना बना रहे हैं. ये मिशन अमेरिकी सेना के अफगानिस्तान से जाने के बाद भी जारी रहेगा. आइए जानते हैं क्या है वो मिशन... (फोटो- गेटी) दरअसल, NATO के कब्जे वाले हामिद करजई अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (Hamid Karzai International Airport) के बाहर फंसे अफगान कमांडो और अन्य को बचाने के लिए उसके रिटायर्ड और एक्टिव सैनिकों का एक गठबंधन गुप्त 'भूमिगत रेलमार्ग' में काम कर रहा है. इतना ही नहीं राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) की सैन्य वापसी के बाद भी ये गठबंधन अपने मिशन को जारी रखने की योजना बना रहा है. (फोटो- गेटी)
ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

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