
कानपुर लैंबोर्गिनी केस: घर की छत पर दिखा आरोपी शिवम, अगले दिन अस्पताल में भर्ती, अब तक क्यों नहीं हुआ अरेस्ट?
ABP News
Kanpur Lamborghini Case: कानपुर लैंबोर्गिनी केस में दो दिन बाद भी पुलिस अब तक किसी को गिरफ़्तार नहीं कर पाई हैं. ऐसे में इस मामले को लेकर पुलिस के रवैये पर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं.
उत्तर प्रदेश के कानपुर में लैंबॉर्गिनी कार से 6 लोगों के टक्कर मारने वाला आरोपी और तंबाकू कारोबारी का बेटा शिवम मिश्रा अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, जिसके बाद इस मामले में पुलिस के रवैये को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हैं. पुलिस का कहना है कि उसकी विवेचना में शिवम मिश्रा के नाम को शामिल किया है लेकिन दो दिन बाद भी उसे गिरफ्तार नहीं किया गया है.
ये हादसा रविवार दोपहर क़रीब 3.15 बजे हुआ जब यहां के पॉश ग्वालटोली इलाके में एक तेज रफ्तार लैंबोर्गिनी कार ने पहले बुलेट को टक्कर मारी और फिर एक ऑटो को टक्कर मारते हुए फुटपाथ पर चढ़ गई. इस टक्कर में छह लोग बुरी तरह घायल हो गए. प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि कार शिवम मिश्रा चला रहा था जो मशहूर तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा का बेटा है. उन्होंने उसके नशे में होने की बात भी दोहराई.
इस घटना के कई वीडियो भी सामने आए, जिसमें उसके बॉडीगार्ड्स शिवम को कार से निकालकर ले जाते दिख रहे हैं. चश्मदीदों के दावों और वीडियो के बाद भी पुलिस का इस मामले को लेकर जो रवैया है उस पर अब कई तरह के सवाल उठ रहे हैं.
- आखिर दो दिन बाद भी पुलिस आरोपी तक क्यों नहीं पहुंची? - कानपुर पुलिस आखिर किसके दबाव में काम कर रही है?- पुलिस ने पहले आरोपी का नाम क्यों छिपाया?- अगर आरोपी आम आदमी होता तो भी पुलिस का यही रवैया होता?- पुलिस ने पहले इस मामले को रफा-दफा करने की कोशिश क्यों की?













