
कहीं भी लेकर बैठ जाइए ये मशीन, हर रोज 2000 रुपये तक कमाई, 10 हजार में शुरू हो जाएगा काम!
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Pradushan Janch Kendra को लेकर अन्य दिशा-निर्देशों की बात करें तो पेट्रोल पंप/ऑटोमोबाइल वर्कशॉप के नजदीक खोला जाना जरूरी है. प्रदूषण केंद्र में जांचे गए सभी वाहनों की डिटेल्स एक वर्ष तक कंप्यूटर में सुरक्षित रखना जरूरी होता है. इसके अलावा वाहनों को जांच के बाद दिए गए सर्टिफिकेट पर सरकार से प्राप्त स्टीकर लगाना अनिवार्य होता है.
अगर आप अपना बिजनेस शुरू करने के बारे में सोच रहे हैं और चाहते हैं कम निवेश में आपको मोटा मुनाफा मिले, तो फिर ये खबर आपके लिए है. हम ऐसा Business Idea बता रहे हैं, जो आपके लिए कमाई का शानदार जरिया बनेगा. आप प्रदूषण जांच केंद्र (Pollution Testing Center) खोलकर अपना बिजनेस शुरू कर सकते हैं और इसके चलने की गारंटी इस बात से मिल जाती है, कि मोटर व्हीकल एक्ट (Motor Vehicle Act) के तहत पॉल्यूशन सर्टिफिकेट (PUC) को अनिवार्य किया गया है.
पॉल्यूशन सर्टिफिकेट है जरूरी आज सस्ती गाड़ी हो या फिर महंगी, ट्रैफिक पुलिस चेकिंग के दौरान अन्य जरूरी दस्तावेजों के साथ पॉल्यूशन सर्टिफिकेट (PUC) जरूर मांगती है और इसके न होने पर चालक पर जुर्माना ठोक दिया जाता है. यानी गाड़ी की आरसी-लाइसेंस-बीमा के साथ-साथ पॉल्यूशन सर्टिफिकेट बेहद जरूरी होता है. केंद्र की तरफ से लागू मोटर व्हीकल एक्ट (Motor Vehicle Act) में इस सर्टिफिकेट के न होने पर भारी-भरकम जुर्माने (Fine) का प्रावधान किया गया है, जो 10,000 रुपये तक हो सकता है.
हर दिन कमा सकते हैं 2000 रुपये जुर्माने की इस राशि से बचने के लिए हर वाहन चालक फिर वो बाइक या स्कूटर चलाने वाला हो, चाहे कार और भारी वाहन चालक हो. सभी इसे लेने के लिए प्रदूषण केंद्र पर पहुंचते हैं. यानी अगर आप प्रदूषण केंद्र खोलते हैं तो रोजाना की बढ़िया कमाई होना लगभग तय है. कमाई की बात करें तो Pollution Testing Center के जरिए आप हर रोज करीब 2000 रुपये तक कमा सकते हैं. यानी करीब 60,000 रुपये महीना. इसमें मांग के अनुसार और इजाफा हो सकता है.
10 हजार के निवेश से शुरू करें काम इस बिजनेस को शुरू करने के लिए आपको कोई भारी-भरकम खर्च नहीं करना हो, बल्कि आप करीब 10,000 रुपये से इसे शुरू कर सकते हैं. हर प्रदेश में प्रदूषण जांच केंद्र (Pollution Testing Center) के लिए शुल्क अलग-अलग हैं. दिल्ली–एनसीआर में आवेदन शुल्क सिक्यूरिटी मनी के रूप में 5,000 रुपये और लाइसेंस शुल्क के तौर पर 5,000 रुपये निर्धारित है, यानि कुल फीस 10,000 रुपये है. प्रदुषण जांच केंद्र को खोलने के लिए कुछ नियम और शर्तें भी तय हैं. जैसे, इसे पीले रंग के केबिन में ही खोला जा सकता है. केबिन की लंबाई 2.5 मीटर, चौड़ाई 2 मीटर और ऊंचाई 2 मीटर होना जरूरी है. इसके अलावा केंद्र पर लाइसेंस नंबर लिखना आवश्यक है.
इतने में बनता है पीयूसी आमतौर पर पॉल्यूशन कंट्रोल सर्टिफिकेट वाहन के प्रकार और फ्यूल टाइप के अनुसार बनता है. ये 60 रुपये से 150 रुपये तक में बनाया जाता है. नए वाहन के लिए पीयूसी सर्टिफिकेट की वैलेडिटी 1 साल और पुराने वाहन के लिए 6 महीने की होती है. Pradushan Janch Kendra को लेकर अन्य दिशा-निर्देशों की बात करें तो पेट्रोल पंप/ऑटोमोबाइल वर्कशॉप के नजदीक खोला जाना जरूरी है. प्रदूषण केंद्र में जांचे गए सभी वाहनों की डिटेल्स एक वर्ष तक कंप्यूटर में सुरक्षित रखना जरूरी होता है. इसके अलावा वाहनों को जांच के बाद दिए गए सर्टिफिकेट पर सरकार से प्राप्त स्टीकर लगाना अनिवार्य होता है.
ऐसे शुरू कर सकते हैं बिजनेस प्रदूषण जांच केंद्र खोलने के लिए अपने क्षेत्र के आरटीओ ऑफिस (RTO) से लाइसेंस लेना होगा. इसके लिए अप्लाई करने के साथ ही 10 रुपये का एक एफिडेविट देना होता है. लोकल अथॉरिटी से No Objection Certificate लेना होगा. Pollution Testing Center की हर राज्य में अलग-अलग फीस है. कुछ राज्यों में ऑनलाइन भी अप्लाई करने की सुविधा दी जाती है. इस बिजनेस को शुरू करने के लिए आपके पास एक कंप्यूटर, यूएसबी वेब कैमरा, इंकजेट प्रिंटर, पावर सप्लाई, इंटरनेट कनेक्शन के साथ स्मोक एनालाइजर होना चाहिए.

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