
कल MP पहुंचेंगे केंद्रीय मंत्री गडकरीः करोड़ों की परियोजना का भूमि-पूजन करेंगे, CM शिवराज भी होंगे शामिल
Zee News
परियोजना का लक्ष्य जनवरी 2023 तक निर्धारित है. यह नेशनल हाईवे देश 5 राज्यों दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र से होकर गुजरेगा.
भोपालः केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी 16 सितंबर को मध्य प्रदेश पहुंचेंगे. यहां वे इंदौर स्थित ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में लगभग 11 हजार करोड़ रुपये की लागत से राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का भूमि-पूजन और लोकार्पण करेंगे. कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा की जाएगी, इस दौरान मंत्री गोपाल भार्गव भी शामिल रहेंगे. केंद्रीय मंत्री दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे निर्माण कार्य का जायजा भी लेंगे.
दोपहर 3 बजे पहुंचेंगे जावरा जानकारी के अनुसार केंद्रीय मंत्री दोपहर तीन बजे रतलाम जिले के जावरा पहुंचेंगे. यहां वह दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे निर्माण कार्य का जायजा लेने के बाद हेलीकॉप्टर से शाम पांच बजे इंदौर पहुंचेगे. गडकरी शाम 6 बजे इंदौर में ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे और रात को इंदौर में ही विश्राम करेंगे.

Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.

India Nuclear Powered Submarine: साल 2040 तक भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा न्यूक्लियर पावर्ड पनडुब्बी ऑपरेटर बन सकता है. इस दौरान भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़ देगा. अमेरिका, रूस और चीन के बाद चौथा देश बन जाएगा. दुनिया में सबसे ज्यादा न्यूक्लियर सबमरीन अमेरिका के पास हैं. इनकी संख्या 60 से 70 के बीच है.

DRDO hypersonic missile: भारतीय नौसेना एक बेहद लंबी दूरी वाली, हवा से लॉन्च होने वाली 'एंटी-शिप बैलिस्टिक' मिसाइल हासिल करने की योजना बना रही है. यह मिसाइल 1,000 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम होगी. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि हमारे लड़ाकू विमान दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम की रेंज में आए बिना ही उनके जहाजों को समंदर की गहराइयों में भेज सकेंगे.

30MM Naval Gun Indian Navy: यह गन सिस्टम भारत फोर्ज के आर्टिलरी सेक्टर में अनुभव पर आधारित है. कंपनी पहले ही 30×173 मिमी NATO स्टैंडर्ड कैलिबर पर आधारित मॉड्यूलर टर्रेट्स विकसित कर चुकी है. इनका इस्तेमाल इंफैंट्री कॉम्बैट व्हीकल्स में होता है. यही कैलिबर समुद्री नजदीकी लड़ाई (Close-Range Engagement) के लिए भी प्रभावी माना जाता है.









