
ओपन स्कूल वाले भी दे सकेंगे NEET, रेगुलर पढ़ाई जरूरी नहीं, SC ने हटाई 27 साल पुरानी रोक!
AajTak
मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (MCI) ने 1997 के रेगुलेशन ऑन ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन के खंड 4 (2) ए के प्रावधानों के अनुसार ऐसे उम्मीदवारों को नीट परीक्षा में बैठने से रोक दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रवाधान को असंवैधानिक और लोक धारणा के खिलाफ पाते हुए यह रोक हटा दी है.
ओपन स्कूल से 12वीं की पढ़ाई करने वाले छात्रों को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत देते हुए डॉक्टर बनने का रास्ता साफ कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) और राज्य शिक्षा बोर्ड द्वारा मान्यता सभी ओपन स्कूल अब राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) के लिए राष्ट्री चिकित्सा परिषद (NMC) द्वारा मान्यता प्राप्त होंगे. अब मान्यता प्राप्त ओपन स्कूलों से 12वीं (10+2) पास स्टूडेंट्स भी नीट एग्जाम में बैठने के पात्र होंगे.
NEET एग्जाम दे सकेंगे ओपन स्कूल के छात्र दरअसल, मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (MCI) ने ओपन स्कूल स्टूडेंट्स को नीट परीक्षा में बैठने की परमिशन देने वाले दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. लेकिन इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने छात्रों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए उन्हें मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम यानी नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) में बैठने पर मुहर लगा दी है.
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मायने
सु्प्रीम कोर्ट का यह फैसला उन सभी लाखों छात्र-छात्राओं के लिए बड़ी खुशखबरी है, जो आर्थिक तंगी या अन्य किसी परेशानी के चलते रेगुलर पढ़ाई नहीं कर पाते और उनका डॉक्टर बनने का सपना, सपना ही बनकर रह जाता है. अब ये छात्र भी नीट की परीक्षा देकर मेडिकल की पढ़ाई कर सकेंगे.
27 साल पहले लगी थी रोक मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (MCI) ने 1997 के रेगुलेशन ऑन ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन के खंड 4 (2) ए के प्रावधानों के अनुसार ऐसे उम्मीदवारों को नीट परीक्षा में बैठने से रोक दिया था. बाद में साल 2018 में दिल्ली हाईकोर्ट ने इस प्रावधान को असंवैधानिक करार देते हुए इसे रद्द कर दिया था. एमसीआई के इस प्रावधान को रद्द करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस चंद्र शेखर की बेंच ने कहा था कि मेडिकल ने इस धारणा को आगे बढ़ाया है कि जो स्टूडेंट्स आर्थिक तंगी और कठिनाइयों और सामाजिक कारणों से रेगुलर स्कूलों में नहीं जाते हैं, वे अन्य छात्रों की तुलना में हीन और कम योग्य हैं.
कोर्ट ने MCI के प्रावधान को संवैधानिक प्रावधानों और लोक धारणा के खिलाफ बताया कोर्ट ने इस तरह की धारणा को संवैधानिक प्रावधानों और लोक धारणा के खिलाफ होने की वजह से खारिज करने का फैसला लिया था. साथ ही कहा था कि यह संविधान के अनुच्छेद 14 और पेशेवर डिग्री हासिल करने का अवसर देने के अधिकार का उल्लंघन है. बाद में एमसीआई ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी जिसमें अब फैसला आया है.

WhatsApp trading scam में एक विक्टिम ने जिंदगीभर की कमाई गंवा दी है. विक्टिम ने 22 करोड़ रुपये गंवा दिए हैं. विक्टिम को शुरुआत में एक WhatsApp Group में शामिल किया, जिसके बाद हाई रिटर्न के वादे किए और रकम डबल करने के सपने दिखाए. साइबर स्कैमर्स ने आखिर में विक्टिम का बैंक अकाउंट खाली कर दिया. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.

Skoda Kushaq के नए फेसलिफ्ट मॉडल को आज पेश कर दिया गया है. इस एसयूवी के एक्सटीरियर और इंटीरियर में कंपनी ने कई बड़े बदलाव किए हैं, जो इसे बेहतर बनाते हैं. ख़ास बात ये है कि, इसके बेस मॉडल से ही सनरूफ फीचर दिया जा रहा है. बाजार में इसका मुकाबला हाल ही में लॉन्च हुई Tata Sierra और Hyundai Creta जैसी कारों से है.

कन्नड़ एक्ट्रेस रान्या राव पिछले साल गोल्ड तस्करी मामले में गिरफ्तार हुई थी. तब इस बात से सनसनी फैल गई थी कि उनके पिता कर्नाटक के डीजीपी हैं और इसका रोब दिखाते हुए वह एयरपोर्ट से घर जाने के लिए स्थानीय पुलिसकर्मियों का सहयोग लेती थी. अब वही डीजीपी पिता रामचंद्र राव महिलाओं के साथ आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने के बाद सुर्खियों में हैं और एक बार फिर से रान्या राव की चर्चा शुरू हो गई है.

'भारत से प्यार है, लेकिन अमेरिका ने मेरी जिंदगी बदल दी'... अमेरिका में रहने वाले युवक की पोस्ट वायरल
वेणु अमेरिका में रहते हैं और एक इंवेस्टर हैं. उन्होंने बताया कि अमेरिका आने के बाद उनकी सोच और जिंदगी बदल गई. यहां मेहनत, अनुशासन और धैर्य की बहुत कद्र होती है. जो ईमानदारी से मेहनत करता है और जोखिम लेने को तैयार है, वह आगे बढ़ सकता है.









