
ओपनिंग और नंबर 3 से बिगड़ रहा टीम इंडिया का गेम, जबरिया प्रयोग से हुआ टीम कॉम्बिनेशन का बंटाधार
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भारतीय टीम को टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले अपना बेस्ट कॉम्बिनेशन खोजना होगा. भारतीय टीम को ये तय करना होगा कि वो शुभमन गिल को ही ओपनर के तौर पर आगामी वर्ल्ड कप में आजमाएगी या संजू सैमसन को फिर से इस पोजीशन पर मौका देगी.
साउथ अफ्रीका के खिलाफ मुल्लांपुर (न्यू चंडीगढ़) टी20 मैच में मिली हार के बाद टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर पर सवाल खड़े हो रहे हैं. गंभीर ने कुछ ऐसे प्रयोग किए, जो कारगर साबित नहीं हुए हैं. साथ ही सलामी बल्लेबाज शुभमन गिल और कप्तान सूर्यकुमार यादव का हालिया प्रदर्शन भी निराशाजनक रहा है.
उप-कप्ताान शुभमन गिल को एडजस्ट करने के चक्कर में भारतीय टीम का कॉम्बिनेशन बिगड़ता नजर आ रहा है. शुभमन के ओपनिंग करने से विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन की प्लेइंग-11 में भी जगह नहीं बन पा रही है. जबकि सूर्यकुमार यादव अब लगातार तीसरे नंबर बैटिंग नहीं कर रहे हैं, जिससे उनकी फॉर्म काफी प्रभावित हुई है.
एशिया कप 2025 से ठीक पहले तक संजू सैमसन टी20 इंटरनेशनल में भारत के सबसे भरोसेमंद ओपनर बन गए थे. पिछले साल उन्होंने इस फॉर्मेट में तीन शतक लगाए थे और ये सभी शतक उन्होंने ओपनिंग करते हुए बनाए. साफ था कि पावरप्ले में बल्लेबाजी करना उन्हें भाता है और वही उनकी सबसे बड़ी ताकत है. एशिया कप 2025 के लिए शुभमन गिल की टी20 टीम में वापसी के साथ ही संजू से ओपनिंग की भूमिका छिन गई.
गिल-सूर्या के बल्ले से कब निकलेंगे रन? शुभमन गिल को एशिया कप 2025 से लेकर अब तक लगातार ओपनिंग का मौका दिया गया. शुभमन टेस्ट और वनडे टीम के कप्तान हैं और टी20 में भी उन्हें उपकप्तानी सौंप दी गई, जिससे उनकी जगह प्लेइंग-11 में और मजबूत हो गई. गिल की टी20 फॉर्म वापसी के बाद से उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी. इस साल 14 टी20 इंटरनेशनल मैचों में उन्होंने 23.90 की औसत से 263 रन बनाए हैं. इस दौरान उन्होंने कोई अर्धशतक तक नहीं जड़ा और 47 रन उनका बेस्ट स्कोर रहा. इसके बावजूद टीम मैनेजमेंट उन्हें लगातार सपोर्ट कर रहा है.
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सूर्यकुमार यादव का प्रदर्शन टी20 इंटरनेशनल में इस साल शुभमन गिल से भी खराब रहा है. कप्तान सूर्या ने 19 मैचों में उन्होंने 14.35 की औसत से 201 रन स्कोर कर लिए हैं. सूर्या का भी बेस्ट स्कोर 47* रन रहा है. सूर्यकुमार की कप्तानी में भारतीय टीम अब तक एक भी टी20 सीरीज नहीं हारी है, लेकिन व्यक्तिगत प्रदर्शन भी मायने रखता है. बड़े मैचों में यदि कप्तान के बल्ले से रन नहीं निकलेंगे, तो टीम मुश्किल में पड़ जाएगी.

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