
IND vs SA Playing 11: मुल्लांपुर टी20 में कप्तान सूर्या ने अपनाया ओल्ड फॉर्मूला, साउथ अफ्रीका में 3 बड़े बदलाव
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India vs South Africa: भारतीय टीम ने कटक टी20 मैच में साउथ अफ्रीका पर 101 रनों से धमाकेदार जीत हासिल की थी. अब भारतीय टीम का उद्देश्य बाकी के चार टी20 मैचों में भी दमदार प्रदर्शन करने पर है.
भारतीय टीम ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला 11 दिसंबर (गुरुवार) को मुल्लांपुर (न्यू चंडीगढ़) के महाराज यादवेंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला है. इस मुकाबले में भारतीय टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने टॉस जीता और पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया. यानी साउथ अफ्रीकी टीम को पहले बल्लेबाजी करनी पड़ी है.
दूसरे टी20 मुकाबले के लिए भारतीय टीम की प्लेइंग-11 में कोई बदलाव नहीं देखने को मिला. भारत उसी प्लेइंग-11 के साथ उतरा, जिसने उसे कटक टी20 मैच में जीत दिलाई थी. यानी भारतीय कप्तान सूर्या ने पुराना फॉर्मूला अपनाया. भारतीय टीम चार बल्लेबाज, दो बैटिंग ऑलराउंडर, एक विकेटकीपर, एक स्पिनर बॉलिंग ऑलराउंडर, एक विशेषज्ञ स्पिनर और दो तेज गेंदबाजों के साथ उतरी.
दूसरी ओर साउथ अफ्रीकी टीम ने इस मैच के लिए तीन खिलाड़ियों एनरिक नॉर्किया, केशव महाराज और ट्रिस्टन स्टब्स को रेस्ट दिया. इन तीनों की जगह क्रमश: तेज गेंदबाज ओटनील बार्टमैन, स्पिन बॉलिंग ऑलराउंडर जॉर्ज लिंडे और अनुभवी बल्लेबाज रीजा हेंड्रिक्स को मौका दिया गया.
कप्तान सूर्या ने क्या कहा? भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने टॉस के समय कहा, 'यह मैदान हमेशा से ही शानदार रहा है. जब हमने आईपीएल के दौरान यहां खेला था और हाल ही में यहां महिला क्रिकेट का मैच भी हुआ था, तो बहुत अच्छा फील हुआ. यहां पहला मेन्स अंतरराष्ट्रीय मैच है, इसलिए मैं इसके लिए बहुत उत्साहित हूं. मुझे यकीन है कि दर्शक भी उत्साहित होंगे. लड़कों के लिए अपनी जिम्मेदारियों को समझना और उस स्थिति में टीम की जरूरतों को देखना बहुत जरूरी है. उन्होंने स्थिति को देखते हुए बिल्कुल सही बल्लेबाजी की.'
सूर्यकुमार यादव कहते हैं, 'उस विकेट पर 175 रन थोड़े ज्यादा थे. हार्दिक पांड्या टीम में जो संतुलन लाते हैं, वह अद्भुत है. जिस तरह से उन्होंने बल्लेबाजी की, जिस तरह से उन्होंने दबाव वाली स्थिति में भी मैदान पर शांत रहकर बल्लेबाजी की और जिस तरह से उन्होंने गेंदबाजी की. उनके ओवर भी टीम के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं. पूरे मैच के दौरान जिस तरह से उन्होंने खुद को संभाला, उससे ऐसा नहीं लग रहा था कि उन्हें चोट लगी है.'
मुल्लांपुर टी20 में भारत की प्लेइंग इलेवन: अभिषेक शर्मा, शुभमन गिल, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), तिलक वर्मा, अक्षर पटेल, हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती और अर्शदीप सिंह.

2003 के क्रिकेट वर्ल्ड फाइनल में भारतीय टीम खिताब जीतने के लिए मैदान पर उतरी थी, लेकिन कुछ ही घंटों में ये सपना टूट गया था. रिकी पोंटिंग की तूफानी पारी, वीरेंद्र सहवाग की अकेली जंग और 'स्प्रिंग बैट' की रहस्यमयी अफवाहों ने इस मुकाबले को सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि क्रिकेट इतिहास की सबसे चर्चित और यादगार कहानी बना दिया.












