
एसी, वॉटर कूलर, लग्जरी वॉशरूम, शानदार कमरे...जमीन के नीचे सुरंगों में ऐसी है हमास की दुनिया, देखें Video
AajTak
पिछले ढाई महीने से इजरायल और हमास के बीच जारी जंग में गाजा पट्टी तबाह हो चुका है. इजरायली सेना द्वारा चलाए जा रहे मिलिट्री ऑपरेशन में बड़ी संख्या में आम लोग और आतंकी मारे गए हैं. इजरायल डिफेंस फोर्सेस हमास के आतंकी मंसूबों के सूबत पूरी दुनिया को दिखा रही है. इसे साबित करने के लिए लगातार वीडियो और तस्वीरें जारी कर रही है.
एक तरफ दुनिया के कई देश इजरायल से युद्धविराम की अपील कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ इजरायल डिफेंस फोर्सेस गाजा में अपना मिलिट्री ऑपरेशन तेज कर चुकी है. नॉर्थ और साउथ गाजा में स्थित हमास के आतंकी ठिकानों को ध्वस्त करने के साथ ही आईडीएफ के जवान उनके नापाक मूंसबों से जुड़े सबूत दुनिया के सामने पेश कर रहे हैं. ताजा घटनाक्रम में इजरायली सेना ने जमीन में दर्जनों मीटर नीचे सुरंगों में बने हमास के हेडक्वार्टर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है.
इजरायल डिफेंस फोर्सेस के एक्स हैंडल (ट्विटर) पर शेयर किए गए वीडियो में देखा जा सकता है कि हमास ने किस तरह से सुनियोजित तरीके से सुरंगों में अपनी दुनिया बसा रखी है. 7 अक्टूबर किए गए हमले से पहले उन्हें पता था कि इजरायल इसका बदला जरूर लेगा. इजरायली सेना की बमबारी और रॉकेट हमलों से बचने के लिए हमास ने अपना हेडक्वार्टर जमीन की गहराई में बने सुरंगों में बना लिया था. इनमें वो हर सुख-सुविधाएं मौजूद हैं, जो वहां के आम लोगों को भी नसीब नहीं है.
हमास के उत्तरी ब्रिगेड के कमांडर अहमद अंडूर के घर तक जाने वाले शाफ्ट से जुड़े इन सुरंगों में दो तल बनाए गए हैं. यहां से कई सुरंग आपस में आकर जुड़ते हैं, जो कि अस्पतालों, स्कूलों औ मस्जिदों के नीचे जाकर खुलते हैं. सुरंग में बने इस हेडक्वार्टर में आतंकियों के लिए जरूरी सभी चीजों के साथ भारी मात्रा में गोला बारूद भी रखे गए हैं. इसमें एसी, वॉटर कूलर, लग्जरी टॉयलेट, बाथरूम, एयरटैंक और बेहतरीन रूम भी मौजूद हैं. सुरंगों में बिजली की पूरी व्यवस्था की गई है, जिसके लिए तार बिछाए गए हैं. इजरायल डिफेंस फोर्सेस द्वारा शेयर किए गए वीडियो को देख सकते हैं...
गाजा के अंदर हमास ने सुरंगों का जाल बिछा रखा है. कुछ दिन पहले भी एक सुरंग का खुलासा करते हुए इजरायल ने हैरान करने वाला वीडियो शेयर किया था. इसमें देखा जा सकता है कि एक कार टनल के अंदर चल रही है, जिसमें दो लोग सवार हैं. इजरायल का दावा है कि ये वीडियो हमास लीडर याह्या सिनवार के भाई मोहम्मद सिनवार का है. वह कार में बैठकर गाजा में इरेज क्रॉसिंग के पास सुरंग के जरिए ट्रैवल कर रहा है. इरेज क्रॉसिंग से 400 किलोमीटर की दूरी पर स्थित टनल नेटवर्क 4 किलोमीटर लंबा बताया गया.
आईडीएफ का दावा है कि इस टनल नेटवर्क का इस्तेमाल गाजा के लोग इजराइली अस्पतालों में काम करने या इलाज कराने के लिए करते थे. लेकिन हमास के आतंकियों ने इस पर कब्जा करके आतंकी गतिविधियों को लिए इस्तेमाल करना शुरू कर दिया. इस सुरंग को हमास नेता याह्या सिनवार के भाई और खान यूनिस बटालियन के कमांडर मोहम्मद सिनवार के नेतृत्व बनाया गया था. गाजा में स्थित टनल नेटवर्क हमास के लिए बंकर का काम कर रहे हैं. वे वहां छिपकर इजरायली सेना पर गोरिल्ला अटैक कर रहे हैं.
गाजा पट्टी में 154 इजरायली सैनिकों की जा चुकी है जान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विमान को एक तकनीकी खराबी की वजह से वापस वाशिंगटन लौट आया. विमान को ज्वाइंट बेस एंड्रयूज में सुरक्षित उतारा गया. ट्रंप के एयर फोर्स वन विमान में तकनीकि खराबी की वजह से ऐसा करना पड़ा. विमान के चालक दल ने उड़ान भरने के तुरंत बाद उसमें एक मामूली बिजली खराबी की पहचान की थी. राष्ट्रपति ट्रंप वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम की बैठक में शिरकत करने के लिए स्विट्ज़रलैंड के दावोस जा रहे थे.

ग्रीनलैंड में आजादी की मांग दशकों से चल रही है. फिलहाल यह द्वीप देश डेनमार्क के अधीन अर्ध स्वायत्त तरीके से काम करता है. मतलब घरेलू मामलों को ग्रीनलैंडर्स देखते हैं, लेकिन फॉरेन पॉलिसी और रक्षा विभाग डेनमार्क सरकार के पास हैं. अब कयास लग रहे हैं कि डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड पर कब्जे की जिद के बीच वहां अलगाववाद को और हवा मिलेगी.

स्विटजरलैंड के दावोस में चल रहे WEF की बैठक में फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने ट्रंप को बताया कि अमेरिका जैसी शक्ति को क्यों कानून आधारित वर्ल्ड ऑर्डर का सम्मान करना चाहिए. उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में बहुपक्षवाद के बिखरने का डर सता रहा है. मैक्रों ने कहा कि दुनिया में जोर जबरदस्ती के बजाय सम्मान और नियम-आधारित व्यवस्था को प्राथमिकता देने की जरूरत है.

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के दावोस भाषण ने उस धारणा को तोड़ दिया कि वेस्टर्न ऑर्डर निष्पक्ष और नियमों पर चलने वाली है. कार्नी ने साफ इशारा किया कि अमेरिका अब वैश्विक व्यवस्था को संभालने वाली नहीं, बल्कि उसे बिगाड़ने वाली ताकत बन चुका है. ट्रंप के टैरिफ, धमकियों और दबाव की राजनीति के बीच मझोले देशों को उन्होंने सीधा संदेश दिया है- खुद को बदलो, नहीं तो बर्बाद हो जाओगे.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले से स्थापित वर्ल्ड ऑर्डर में हलचल ला दी. ट्रंप के शासन के गुजरे एक वर्ष वैश्किल उथल-पुथल के रहे. 'अमेरिका फर्स्ट' के उन्माद पर सवाल राष्ट्रपति ट्रंप ने टैरिफ का हंटर चलाकर कनाडा, मैक्सिको, चीन, भारत की अर्थव्यवस्था को परीक्षा में डाल दिया. जब तक इकोनॉमी संभल रही थी तब तक ट्रंप ने ईरान और वेनेजुएला में अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर दुनिया को स्तब्ध कर दिया.








