
एशिया कप में भी कुलदीप यादव को नहीं मिलेगा मौका? पूर्व स्पिनर ने टीम इंडिया की प्लानिंग पर उठाए सवाल
AajTak
कुलदीप यादव ने भारत को कई अहम जीत दिलाई हैं, लेकिन टीम मैनेजमेंट उन्हें लगातार मौका नहीं दे रहा. दूसरी ओर वरुण चक्रवर्ती रहस्यमयी स्पिन से धूम मचा रहे हैं और एशिया कप 2025 में अहम भूमिका निभा सकते हैं. भारतीय स्पिन विभाग में अब प्रतिस्पर्धा और भी कड़ी हो गई है.
भारत में बाएं हाथ की कलाई से स्पिन बहुत दुर्लभ थी, लेकिन कुलदीप यादव ने 2014 अंडर-19 वर्ल्ड कप में 14 विकेट लेकर सबका ध्यान अपनी ओर खींचा. इसके बाद आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में अच्छे प्रदर्शन से उन्होंने टीम इंडिया में जगह बनाई और अपनी वैरिएशन से बल्लेबाजों को हैरान कर दिया.
पिछले कुछ वर्षों में कुलदीप भारत के मैच-विनर बने. 2024 में इंग्लैंड के खिलाफ 4-1 की टेस्ट सीरीज जीत, टी20 वर्ल्ड कप 2024 और चैंपियंस ट्रॉफी 2025 जीत में उनका बड़ा योगदान रहा. खासकर इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में 3/19 और न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल में रचिन रविंद्र और केन विलियमसन को आउट करना मैच बदलने वाले स्पेल साबित हुए.
यह भी पढ़ें: 'वो भारत का X फैक्टर, एशिया कप में उसकी कमी खलेगी...', हरभजन ने बताई टीम की बड़ी खामी
लेकिन हाल ही में उन्हें टीम से बाहर बैठना पड़ा क्योंकि मैनेजमेंट ऐसे गेंदबाज़ों को तरजीह दे रहा है जो बल्लेबाज़ी में भी योगदान दे सकें. पूर्व भारतीय स्पिनर मनींदर सिंह का मानना है कि अगर कुलदीप को इंग्लैंड टेस्ट सीरीज़ में खिलाया गया होता तो भारत 3-1 से जीत सकता था.
एशिया कप 2025 में भी आशंका है कि कुलदीप को मौका न मिले और टीम अक्षर पटेल व वरुण चक्रवर्ती पर भरोसा जताए. दूसरी ओर, वरुण ने पिछले साल शानदार प्रदर्शन किया है. उन्होंने 12 टी20I में 31 विकेट झटके और चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में 3 मैचों में 9 विकेट लिए. मनींदर सिंह का कहना है कि वरुण एशिया कप में भारत के लिए X फैक्टर साबित हो सकते हैं.
यह भी पढ़ें: एशिया कप में टीम इंडिया से भिड़ने जा रहा ओमान... खिलाड़ियों के नाम और रिकॉर्ड जानते हैं?

टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने भारतीय टीम की सबसे बड़ी चुनौती को लेकर आगाह किया है. उनका मानना है कि ओस के कारण स्पिन और तेज गेंदबाजी के संतुलन को लेकर टीम मैनेजमेंट को मुश्किल फैसले लेने पड़ेंगे. कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती को एक साथ खिलाना या नहीं, यही भारत के लिए सबसे बड़ा सवाल होगा.












