
एक महीने बाद नेतन्याहू और बाइडेन ने की बातचीत, गाजा पर अमेरिका-इजरायल में बढ़ा है तनाव
AajTak
जो बाइडेन प्रशासन को आशंका है कि इजरायल गाजा के दक्षिणी हिस्से राफा में ग्राउंड ऑपरेशन शुरू कर सकता है, क्योंकि वह 7 अक्टूबर, 2023 के घातक हमले के बाद हमास को जड़ से खत्म करना चाहता है. बाइडेन प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अमेरिका निर्दोष फिलिस्तीनी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इजरायल द्वारा एक विश्वसनीय योजना पेश किए बिना इस तरह के ऑपरेशन का समर्थन नहीं करेगा.
गाजा में खाद्य संकट और क्षेत्र में इजरायल के सैन्य अभियान जारी रखने को लेकर अमेरिका के साथ बढ़े तनाव के बीच प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और राष्ट्रपति जो बाइडेन ने करीब एक महीने बाद सोमवार को फोन पर बातचीत की.अमेरिकी राष्ट्रपति और इजरायली प्रधानमंत्री के बीच यह वार्ता तब हुई है, जब हाल ही में सीनेट सदस्य चक शूमर ने गाजा में युद्ध से निपटने के लिए नेतन्याहू की तीखी आलोचना की थी. उन्होंने इजरायली नागरिकों से नए चुनाव कराने का आह्वान किया था. चक शूमर की इस टिप्पणी पर वाशिंगटन में रिपब्लिकन नेताओं और इजरायली अधिकारियों ने तुरंत नाराजगी जाहिर की थी.
इजरायली अधिकारियों ने जो बाइडेन के सहयोगी चक शूमर पर उसके आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया था. नेतन्याहू और बाइडेन के बीच फोन कॉल पर हुई बातचीत के बारे में जानकारी देते हुए व्हाइट हाउस ने कहा, 'राष्ट्रपति बाइडेन ने प्रधानमंत्री नेतन्याहू से कहा कि गाजा के राफा में इजरायली ग्राउंड ऑपरेशन एक बड़ी गलती होगी. नेतन्याहू ने राफा को लेकर इजरायल की योजनाओं और संभावित विकल्पों पर चर्चा करने के लिए वरिष्ठ इजरायली अधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल को वाशिंगटन भेजने के बाइडेन के अनुरोध पर भी सहमति व्यक्त की'.
'हमास के खिलाफ लक्ष्यों को प्राप्त करने तक नहीं रुकेगा इजरायल'
हालांकि, बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि उन्होंने जो बाइडेन के साथ बातचीत में इस बात पर जोर दिया कि इजरायल 7 अक्टूबर के हमलों के लिए जिम्मेदार फिलिस्तीनी आतंकवादी समूह हमास के खिलाफ अपने सभी लक्ष्यों को प्राप्त करने तक नहीं रुकेगा. उनके इस बयान से दोनों देशों के रिश्तों में आए तनाव के बारे संकेत मिलते हैं. बेंजामिन नेतन्याहू ने X पर एक पोस्ट में लिखा, 'आज शाम मैंने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से बात की. हमने युद्ध के नवीनतम घटनाक्रमों पर चर्चा की, जिसमें युद्ध के सभी लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए इजरायल की प्रतिबद्धता भी शामिल है'.
नेतन्याहू ने युद्ध के लक्ष्यों के बारे में लिखा, 'हमास को खत्म करना, हमारे सभी बंधकों को मुक्त करना और यह सुनिश्चित करना कि गाजा फिर कभी इजरायल के लिए खतरा न बने- साथ ही आवश्यक मानवीय सहायता प्रदान करना जो इन लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायता करेगी'. बता दें कि दोनों नेताओं ने आखिरी बार 15 फरवरी को बात की थी. तब जो बाइडेन ने गाजा में फिलिस्तीनी नागरिकों की मौतों और क्षेत्र में गंभीर मानवीय संकट पैदा करने के लिए इजरायल की आलोचना की थी. बता दें कि इजरायल और हमास के बीच बीते पांच महीने से अधिक समय से गाजा में युद्ध जारी है. इसमें 30 हजार से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और लाखों लोग विस्थापित हुए हैं.
'हमने तो 9/11 के बाद US में नए चुनाव का आह्वान नहीं किया था'

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भले ही मीडिया के सामने सेना भेजने की बात से इनकार किया हो, लेकिन 2,200 मरीन सैनिकों के साथ यूएसएस त्रिपोली युद्धपोत का मिडिल ईस्ट की ओर बढ़ना कुछ और ही इशारा कर रहा है. ट्रंप का मुख्य मकसद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के तेल मार्ग को ईरान के कब्जे से छुड़ाना और वहां दबे यूरेनियम भंडार को सुरक्षित करना है. अगर ये सेना तैनात होती है, तो यह पिछले दो दशकों में अमेरिका का सबसे बड़ा सैन्य कदम होगा.

महायुद्ध तीसरे हफ्ते में पहुंच गया है...लेकिन बम-बारूद-गोले थम ही नहीं रहे ..। कहां तो युद्ध ईरान को न्यूक्लियर पावर बनने से रोकने के लिए शुरू हुआ...और कहां ये जंग तेल युद्ध बनकर दुनिया को धधका रहा है...। समझ नहीं आ रहा कि ये जंग किसे धुरंधर बना रहा...एक तरफ तबाही है...तो दूसरी तरफ तेल-गैस-हीलियम संकट...जो हर घर...हर परिवार पर असर डाल रहा है..

अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध में अब तेल-गैस के ठिकानों पर हमले से तनाव बढ़ गया है. पूरे दुनिया पर ऊर्जा का संकट बढ़ता जा रहा है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से तेल के बाजार में पहले ही उथल-पुथल मची है. अब दोनों ओर से ताजा हमलों से पूरी दुनिया महंगाई के बड़े संकट की ओर बढ़ती जा रही है. देखें लंच ब्रेक.

चाहे हालात शांति के हों या युद्ध जैसे तनावपूर्ण, जिंदगी कभी नहीं रुकती, इसकी मिसाल लेबनान में देखने को मिली. मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच यहां दुनिया के अलग-अलग देशों से आए हजारों लोग, जो काम के सिलसिले में लेबनान में रह रहे हैं, उन्होंने इजरायली हमलों और तमाम चुनौतियों के बावजूद ईद-उल-फितर का त्योहार पूरे उत्साह के साथ मनाया. संघर्ष और अनिश्चितता के बीच भी लोगों ने एक-दूसरे के साथ खुशियां साझा कीं.

होर्मुज को लेकर तनातनी जारी है. इस बीच छह देशों ने एक बयान जारी किया है ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और नीदरलैंड्स ने कहा है कि वे हॉर्मुज़ में सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने के लिए अपना योगदान देने के लिए तैयार हैं. हालांकि, इटली, जर्मनी और फ्रांस ने बाद में स्पष्ट किया कि वे तत्काल किसी सैन्य सहायता की बात नहीं कर रहे हैं. इन देशों ने क्या शर्त रखी है. जानें.

ईरान ने 66वें राउंड का हमला शुरू कर दिया है. ईरान ने मिसाइलों के जरिए इजरायल पर 66वें राउंड के हमले किए हैं. इधर ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने एक बहुत बड़ा दावा किया है .IRGC ने अमेरिकी सेना के एक F-35 लड़ाकू विमान पर हमले का दावा किया है और इसका वीडियो भी जारी किया है. दावे के मुताबिक अमेरिकी लड़ाकू विमान को काफी नुकसान पहुंचा है. देखें 9 बज गए

ईरान ने सोचा था कि वो सिर्फ अपने जज्बे और कुछ मिसाइलों और ड्रोन के भरोसे जंग जीत लेगा. इसी ओवर-कॉन्फिडेंस वो मात खाता जा रहा है, जब उसके एक के बाद एक बड़े नेता ताबूत में बंद होते दिखाई दे रहे हैं. ईरानी जज्बे का मुकाबला इजरायली इंटेलिजेंस यानी दुनिया के सबसे बड़े खुफिया नेटवर्क से है. वो नेटवर्क जो ईरानी नेताओं के बेडरूम तक घुसा हुआ है.






