
उद्धव के बाद पवार को भी लगेगा झटका! अजीत पवार के नेतृत्व में BJP के साथ जाने को तैयार हैं NCP के 30 विधायक?
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महाराष्ट्र में लगातार सियासी अटकलें तेज हो रही हैं. सूत्रों के मुताबिक उद्धव गुट के बाद अब शरद पवार को भी बड़ा झटका लग सकता है. अजीत पवार की अगुवाई में एनसीपी के 30 विधायक अब बीजेपी सरकार में शामिल हो सकते हैं.
महाराष्ट्र में आने वाले दिनों में बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिल सकता है. एनसीपी नेता अजीत पवार के बीजेपी में शामिल होने की अटकलों के बीच यह बात सामने आ रही है कि अजीत एक बार फिर से भाजपा-शिंदे के साथ सहयोगी समर्थन जुटा रहे हैं. सूत्रों के अनुसार, एनसीपी के 53 विधायकों में से लगभग 30-34 विधायकों ने अजीत पवार को भाजपा के साथ हाथ मिलाने और शिंदे-फडणवीस सरकार का हिस्सा बनने का समर्थन दे दिया है.
कौन- कौन नेता अजीत के साथ
जिन नेताओं का अजीत पवार को समर्थन हैं उनमें प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे, छगन भुजबल, धनंजय मुंडे जैसे प्रमुख चेहरे शामिल हैं. वहीं प्रदेश एनसीपी अध्यक्ष जयंत पाटिल और जितेंद्र अवध बीजेपी से हाथ मिलाने के पक्ष में नहीं हैं.अजीत के समूह ने शरद पवार से मुलाकात की और उन्हें सूचित किया कि विधायक भाजपा के साथ गठबंधन करने के इच्छुक हैं. हालांकि शरद पवार ने बीजेपी-शिंदे के साथ गठबंधन करने से इनकार कर दिया.
पवार ने कही ये बात
शरद पवार ने संजय राउत से कहा, अगर लोग जाते हैं तो वे विधायक होंगे (वे व्यक्तिगत रूप से विधायक के रूप में जाएंगे) पार्टी नहीं जाएगी. विधानसभा में संख्या बल देखा जाए तो शिंदे-बीजेपी गुट इसमें भारी है. लेकिन लोकसभा के लिए अगर अजीत और एनसीपी रैंक में शामिल हो जाते हैं, तो यह एनडीए के लिए क्लीन स्वीप हो सकता है. लोकसभा सीटों के लिहाज से महाराष्ट्र यूपी के बाद दूसरा सबसे बड़ा राज्य है जहां 48 सीटें हैं.
यह कदम अजीत और उनके खेमे को केंद्रीय एजेंसियों से राहत देने वाला होगा. अजीत, उनका परिवार, प्रफुल्ल पटेल, भुजबल, हसन मुश्रीफ आदि सभी ईडी की जांच का सामना कर रहे हैं. विधानसभा चुनाव से ठीक पहले विधायक अपने निर्वाचन क्षेत्रों में विकास कार्यों के लेकर फंड की कमी को खत्म करवा सकते हैं.

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