
उत्तराखंड: बारिश ने भले रोक दी आग, चुनौती अभी बाकी, अब तक जल गए कई हेक्टेयर जंगल
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अब तक 185 हेक्टेयर क्षेत्र में जंगलों को नुकसान पहुंचा है. जिले में जंगलों में आग लगने की 128 घटनाएं वन विभाग ने दर्ज की हैं. बागेश्वर में आग बुझाने को 180 फायर वाचर, 29 क्रू-स्टेशन भी अलर्ट मोड पर हैं.
उत्तराखंड के जंगलों में लगातार जल रही जंगल की आग को दो दिन की बारिश ने भले शांत कर दिया हो लेकिन यह याद रखने की जरूरत है कि अभी सिर्फ शुरुआत भर है. गर्मियों की तो सही मायने में अभी तक ठीक से शुरुआत तक नहीं हुई है और जंगल जल कर राख हो चुके हैं. ये पहली बार नहीं है , जब उत्तराखंड के जंगल भीषण आग के चलते राख हो चुके हैं. लाखों करोड़ों की वन संपदा का नुकसान हो चुका है. कई स्थानों पर जन धन की भी हानि हुई है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले 12 घंटे में पूरे प्रदेश में 100 आग की घटनाएं सामने आयी हैं. जबकि 106 हेक्टेयर जंगल जला है जिसमें लाखों का नुकसान हुआ है. अप्रैल माह की शुरुआत से अब तक 657 आग की घटनायें सामने आयी. जिसमें एक हजार हेक्टेयर के करीब जंगल जल कर स्वाहा हो गया. जबकि 21 लाख का नुकसान, सरकारी आंकड़ों के हिसाब से बताया गया है.
राजस्थान के कोटपूतली में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवक हाईटेंशन विद्युत लाइन को छूने के इरादे से बिजली के खंभे पर चढ़ गया. युवक को खंभे पर चढ़ा देख ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जमा हो गई. घटना की सूचना तुरंत पुलिस और प्रशासन को दी गई. सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और बिजली विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे. करीब दो घंटे तक चले हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद अधिकारियों और ग्रामीणों की समझाइश से युवक सुरक्षित नीचे उतर आया. गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ.

ग्रेटर नोएडा में कोहरे के कारण पानी से भरे बेसमेंट में गिरी कार हादसे में 27 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत हो गई. मौके पर मौजूद डिलिवरी ब्वॉय ने रस्सी बांधकर पानी में उतरकर बचाने की कोशिश की. लेकिन युवराज को बचाया नहीं जा सका. नोएडा के इंजीनियर युवराज की मौत के बाद डिलिवरी ब्वॉय को क्यों धमका रही पुलिस?

ट्रंप की ईरान को दी गई उस धमकी के बारे में बताएंगे जिसमें उन्होंने कहा कि कि ईरान दुनिया के नक्शे से मिट जाएगा. उनका ये बयान उस संदर्भ में आया है जिसमें दावा किया जा रहा है कि ईरान ट्रंप की हत्या कर सकता है. इस पर ट्रंप ने कहा अगर उन्हें कुछ भी हुआ तो अमेरिका की सेनाएं ईरान को धरती के नक्शे से मिटा देंगी. आज इस बात का विश्लेषण करेंगे कि क्या वाकई ईरान ट्रंप की हत्या की साजिश रच रहा है?










