
उत्तराखंड के इस बैंक में करोड़ों की वित्तीय गड़बड़ी, RBI ने लगाई निकासी पर रोक, ग्राहकों में हड़कंप
ABP News
Uttarakhand News: बैंक प्रबंधन ने सालों तक बढ़ते खराब ऋणों के बावजूद घाटे की वास्तविक स्थिति को छिपाया और कागजों में लाभ दिखाया. हालात इतने बिगड़ गए कि आरबीआई को सख्त कदम उठाने पड़े.
देहरादून में अर्बन कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड में वित्तीय अनियमितताओं का बड़ा मामला सामने आया है. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बैंक पर छह महीने का प्रतिबंध लगाते हुए खाता धारकों के धन निकासी पर रोक लगा दी है. इस फैसले के बाद करीब नौ हजार जमाकर्ताओं के 124 करोड़ रुपये से अधिक की राशि फंस गई है, जिससे ग्राहकों में भारी चिंता का माहौल है.
बताया जा रहा है कि बैंक का नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (एनपीए) लगभग 38 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है. वर्षों से बढ़ते खराब ऋणों के बावजूद बैंक प्रबंधन घाटे की वास्तविक स्थिति को छिपाता रहा और कागजों में लाभ दिखाता रहा. हालात इतने बिगड़ गए कि अंततः आरबीआई को सख्त कदम उठाने पड़े.
सूत्रों के अनुसार गड़बड़ियों की शुरुआत वर्ष 2013-14 के आसपास हुई, जब कथित तौर पर चहेते व्यक्तियों को मशीनरी खरीद और अन्य मदों के नाम पर बड़े पैमाने पर ऋण वितरित किए गए. इनमें से कई ऋण समय पर वापस नहीं आए, लेकिन बैंक ने उचित प्रोविजनिंग (ऋण हानि प्रविधान) नहीं की.
नियमों के अनुसार फंसे कर्ज के लिए अलग प्रतिशत में प्रावधान करना जरूरी होता है, जिससे संभावित नुकसान का सही आंकलन हो सके. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते यह प्रक्रिया अपनाई जाती तो स्थिति इतनी गंभीर नहीं बनती.













