
क्या ईरान ने भारतीय टैंकरों को होर्मुज़ से गुज़रने की अनुमति दी है? विदेश मंत्रालय ने क्या बताया
BBC
कुछ रिपोर्टों में कहा गया था कि भारत के अनुरोध पर ईरान ने भारतीय जहाजों को स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ से गुजरने की इजाज़त दे दी है.
विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि उन रिपोर्ट्स पर अभी कुछ भी कहना जल्दबाज़ी होगी, जिनमें दावा किया गया है कि ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ से भारतीय जहाजों को गुजरने की अनुमति देने पर राज़ी हो गया है.
हालांकि पत्रकारों के सवालों के जवाब में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारतीय विदेश मंत्री ने ईरान के विदेश मंत्री से इस बारे में बातचीत की है.
जायसवाल ने कहा, "विदेश मंत्री एस जयशंकर और उनके ईरानी समकक्ष के बीच हाल के दिनों में तीन बार बातचीत हुई है. आखिरी बातचीत में शिपिंग की सुरक्षा और भारत की ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई. इसके अलावा अभी कुछ भी कहना जल्दबाज़ी होगी."
इससे पहले भारतीय मीडिया में ख़बरें छपी थीं कि ईरान ने दो भारतीय टैंकरों को स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ से निकलने की इजाज़त दे दी थी.
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पीआईबी के अनुसार, पहले भारत के तेल आयात का आधा हिस्सा स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ से होकर गुजरता था, जबकि आज 70 प्रतिशत दूसरे वैकल्पिक चैनलों से आयात होता है, जिससे आपूर्ति जोखिम में काफ़ी कमी आई है.
शिपिंग मंत्रालय के अधिकारी राजेश कुमार सिन्हा ने गुरुवार को कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ के पश्चिम और पूर्व में भारत के झंडे वाले 28 जहाज मौजूद हैं. इन जहाजों पर कम से कम 667 भारतीय नाविक सवार हैं.

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