
ईरान के युद्धपोत की सुरक्षा क्या किसी तरह भारत की ज़िम्मेदारी थी?
BBC
अमेरिका ने श्रीलंका के नज़दीक ईरान का युद्धपोत डुबोया है. यह युद्धपोत एक सैन्य अभ्यास के लिए भारत का मेहमान था और वापस जा रहा था.
चार मार्च, बुधवार को अमेरिका ने एक वीडियो जारी किया और बताया कि उसकी एक पनडुब्बी ने हिन्द महासागर में ईरान के एक युद्धपोत पर हमला किया और उसे डुबो दिया.
बीबीसी सिंहला को दी गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक़ यह हमला बुधवार को दक्षिण श्रीलंका के शहर गॉल के पास सुबह क़रीब पांच बजे हुआ.
श्रीलंका की सरकार ने बताया कि अब तक 32 क्रू मेंबर्स को बचा लिया गया है और उनका इलाज चल रहा है, वहीं और 84 शव पाए गए हैं और बाकियों के लिए तलाश जारी है.
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची के मुताबिक़ इस जहाज़ का नाम था 'देना' जिस पर लगभग 130 क्रू मेंबर्स सवार थे. उन्होंने यह भी बताया कि यह जहाज़ भारतीय नौसेना के न्यौते पर आया था और इसे बिना किसी वॉर्निंग के डुबो दिया गया.
भारतीय नौसेना ने 17 फ़रवरी को इस युद्धपोत का स्वागत भी किया था.
बीबीसी हिन्दी के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
इस ख़बर के आने के बाद कई सवाल उठे हैं जैसे कि यह हमला ईरान से इतनी दूर क्यों किया गया?













