
ईरान की अमेरिका के साथ बातचीत फ़ेल हो गई तो वो क्या करेगा?
BBC
ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर युद्ध हुआ तो वो मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी और इसराइली सैन्य ठिकानों और संसाधनों को भी टारगेट कर सकता है.
अमेरिका के साथ तनाव के मद्देनज़र अब तक ईरान का नेतृत्व अपने प्रयासों को गहन कूटनीति पर केंद्रित किए हुए है.
वह क्षेत्रीय ताक़तों को सक्रिय करने की कोशिश कर रहा है ताकि वे ट्रंप पर हमले के ख़िलाफ़ दबाव बना सकें.
ईरान यह ज़ोर देकर कह रहा है कि अमेरिका का ईरान पर हमला पूरे क्षेत्र में युद्ध भड़का सकता है. सऊदी अरब, यूएई और जॉर्डन ने पहले ही साफ़ कर दिया है कि वो अपने हवाई क्षेत्र और ज़मीन का इस्तेमाल ईरान पर किसी भी संभावित हमले के लिए नहीं करने देंगे, जिससे अमेरिका के विकल्प सीमित हो गए हैं.
ईरान ने चेतावनी दी है कि वह अमेरिकी और इसरायली सैन्य ठिकानों और संसाधनों को भी टारगेट कर सकता है.
यानी मध्य पूर्व में इराक, बहरीन, क़तर, यूएई, सऊदी अरब, कुवैत, जॉर्डन और सीरिया में संभावित हमले हो सकते हैं.
अमेरिका के साथ पहले के संघर्षों में ईरान की प्रतिक्रिया सांकेतिक और संतुलित थी.
2025 के ईरान-इसराइल युद्ध के दौरान अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने क़तर के अल उदैद एयर बेस पर होने वाले हमले की पहले से ही चेतावनी दी थी.













