
ईरान का पड़ोसी इस्लामी देशों पर हमले करने का क्या मक़सद हो सकता है?
BBC
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने अपने बयान में कहा कि ईरान ने जिन देशों को निशाना बनाया उनमें सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, क़तर, बहरीन, कुवैत और जॉर्डन शामिल हैं.
अमेरिका और इसराइल के शनिवार, 28 फ़रवरी को ईरान पर हमला करने के कुछ ही घंटों बाद ईरान ने मध्य-पूर्व में कई इस्लामी देशों पर हमले किए.
ये देश ईरान के इसलिए निशाने पर आए क्योंकि वहाँ अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं. इन्होंने अमेरिका-इसराइल की ईरान के ख़िलाफ़ की गई साझा कार्रवाई में मदद की थी.
ईरानी सेना ने कहा कि अमेरिका और इसराइल के ईरान पर किए जा रहे बड़े पैमाने पर और लगातार हमले के जवाब में ईरान ने पूरे क्षेत्र में हमले शुरू कर दिए हैं.
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने कहा कि ईरान आत्मरक्षा के लिए सभी सैन्य तरीक़ों का इस्तेमाल करेगा.
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने अपने बयान में कहा कि ईरान अमेरिका-इसराइल के हमलों की जवाबी कार्रवाई में 'ट्रूथफुल प्रॉमिस 4' अभियान के तहत अमेरिकी ठिकानों और संपत्तियों को निशाना बना रहा है.
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ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने अपने बयान में कहा कि ईरान ने जिन देशों को निशाना बनाया उनमें सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, क़तर, बहरीन, कुवैत और जॉर्डन शामिल हैं.













