
इटली: विंटर ओलंपिक को लेकर पर्यावरणीय नुकसान, लागत का विरोध, मेलोनी बोलीं- प्रदर्शनकारी ‘देश के दुश्मन’
The Wire
मिलान समेत इटली के कई शहरों में 2026 शीतकालीन ओलंपिक को लेकर विरोध तेज़ हो गया है. प्रदर्शनकारी खेलों की भारी लागत और पर्यावरणीय नुकसान पर सवाल उठा रहे हैं. पुलिस के साथ झड़पों और गिरफ्तारियों के बीच प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने विरोध करने वालों को ‘इटली का दुश्मन’ बताया है.
नई दिल्ली: इटली में 2026 शीतकालीन ओलंपिक की शुरुआत के साथ ही विरोध प्रदर्शनों ने जोर पकड़ लिया है. मिलान में शनिवार को ओलंपिक के खिलाफ निकाले गए एक बड़े मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के एक हिस्से के बीच झड़पें हुईं. पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया और कम से कम छह से सात लोगों को हिरासत में लिया गया.
वॉशिंगटन पोस्ट के अनुसार, यह झड़प उस समय हुई जब शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अंत में प्रदर्शनकारियों का एक समूह अलग होकर पुलिस से भिड़ गया. प्रदर्शनकारी ओलंपिक की भारी लागत, पर्यावरणीय नुकसान और सुरक्षा व्यवस्था में अमेरिकी एजेंसी आईसीई (इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट) की मौजूदगी का विरोध कर रहे थे.
हजारों लोग मिलान के पियात्साले मेदालिये द’ओरो में इकट्ठा हुए थे और ‘आईसीई आउट’ जैसे नारे लिखी तख्तियां लेकर मुख्य ओलंपिक विलेज के पास तक मार्च करने वाले थे.
पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, बीते महीने यह खुलासा होने के बाद गुस्सा और बढ़ गया था कि अमेरिकी आईसीई एजेंटों को ओलंपिक सुरक्षा में मदद के लिए इटली भेजा जा रहा है.
इस बीच, बीबीसी की रिपोर्ट बताती है कि झड़पों के बाद छह लोगों को गिरफ्तार किया गया. पुलिस पर पत्थर और आतिशबाजी फेंकी गई, जिसके जवाब में वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया गया. बीबीसी के अनुसार, प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ओलंपिक खेल अब न तो सामाजिक रूप से और न ही पर्यावरण के लिहाज से व्यवहारिक रह गए हैं.
इन घटनाओं की पृष्ठभूमि में इटली सरकार द्वारा हाल ही में कड़े सुरक्षा कानून लागू किए गए हैं. बीबीसी के मुताबिक, सरकार ने नए नियमों को तेजी से मंजूरी दी, जिनके तहत पुलिस को प्रदर्शनों से पहले संदिग्ध लोगों को 12 घंटे तक हिरासत में लेने का अधिकार मिलेगा. आलोचकों ने इन कानूनों को दमनकारी बताया है.

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