
'इजरायल की मदद की तो...' ईरान की धमकी से डरे सऊदी, UAE, अमेरिका से कर रहे ऐसी मांग
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ईरान के इजरायल पर हमले के बाद इजरायल की जवाबी कार्रवाई को लेकर खाड़ी देश चिंतित हैं. उन्हें डर है कि अगर इजरायल ईरान के तेल ठिकानों को निशाना बनाता है तो ईरान के क्षेत्रीय प्रॉक्सी उनके तेल ठिकानों पर हमले कर सकते हैं. सऊदी, यूएई जैसे खाड़ी देशों ने अपनी यह चिंता अमेरिका के सामने रखी है.
बीते दिनों ईरान के इजरायल पर हमले के बाद आशंका जताई जा रही है कि इजरायल जल्द ही ईरान पर हमला करेगा. इजरायल के संभावित हमले को लेकर सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) जैसे खाड़ी देश अमेरिका पर दबाव बना रहे हैं कि वो इजरायल को ईरान के तेल ठिकानों पर हमला करने से रोके. खाड़ी देशों ने अमेरिका से अपनी चिंता जताते हुए कहा है कि अगर इजरायल ईरान के तेल ठिकानों पर हमले करता है तो उनके तेल ठिकाने ईरान के प्रॉक्सी समूहों के हमले का शिकार हो सकते हैं.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने यह जानकारी खाड़ी देशों के तीन सरकारी आधिकारिक सूत्रों के हवाले से दी है. सूत्रों ने बताया कि सऊदी अरब, यूएई और कतर सहित खाड़ी देशों ने अमेरिका से कह दिया है कि अगर इजरायल ईरान पर हमला करने के लिए उनके हवाई क्षेत्र में उड़ान भरना चाहेगा तो उसे इसकी अनुमति नहीं दी जाएगी.
ईरान ने 1 अक्टूबर को इजरायल पर लगभग 200 मिसाइलें दागी थीं. इस हमले के जवाब में इजरायल ने कहा था कि ईरान को इसकी कीमत चुकानी होगी. जवाब में ईरान ने कहा था कि अगर इजरायल जवाबी कार्रवाई करता है तो उसका जवाब बड़े पैमाने पर विनाश होगा. दोनों देशों की धमकियों से क्षेत्र में बड़े युद्ध की आशंका बढ़ गई है जिसका असर अमेरिका पर भी पड़ सकता है.
'अगर इजरायल को हमले में मदद किया तो...'
एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी और एक ईरानी राजनयिक ने बताया कि इस सप्ताह ईरान और सऊदी के बीच बैठकें हुई हैं जिसमें सऊदी अरब को चेतावनी दी गई है कि अगर वो इजरायल को हमला करने में कोई मदद करता है तो वो उसके तेल ठिकानों की सुरक्षा की गारंटी नहीं दे सकता.
सऊदी शाही दरबार के करीबी सऊदी विश्लेषक अली शिहाबी ने कह, 'ईरानियों ने कहा है- अगर खाड़ी देश इजरायल के लिए अपना हवाई क्षेत्र खोलता है, तो यह युद्ध की कार्रवाई मानी जाएगी.'

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