
इजरायल-ईरान की 12 दिनों की जंग में कौन जीता, कौन हारा? डेटा से समझिए पूरी दास्तां
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इजरायल-ईरान के 12 दिवसीय युद्ध में दोनों पक्षों ने जीत का दावा किया है, लेकिन जमीनी सच्चाई यह है कि ईरान को भारी मानवीय और सैन्य नुकसान उठाना पड़ा है - जबकि इजरायल की डिफेंस सिस्टम ने उसे बड़े नुकसान से बचा लिया. वहीं, इजरायल के ईरानी परमाणु कार्यक्रम को समाप्त करने की नीति पूरी तरह सफल नहीं रही.
ईरान और इजरायल दोनों ने 12 दिन चले युद्ध के बाद खुद को "विजेता" बताया है. हालांकि इजरायल की प्रमुख मंशा - ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म करना - पूरी नहीं हो सकी, वहीं ईरान का डिफेंस सिस्टम जबरदस्त बमबारी और मिसाइल हमलों के सामने लगभग ध्वस्त हो गई.
इस रिपोर्ट में इंडिया टुडे ने ओपन सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT), ओपन सोर्सेज से मिले वीडियो फुटेज, सरकारी घोषणाओं और विभिन्न मीडिया रिपोर्टरों के जमीनी कवरेज के आधार पर इस युद्ध के पूरे घटनाक्रम की एक बड़ी तस्वीर खींचने की कोशिश की है.
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ईरान को हर पैमाने पर भारी नुकसान
आकलन के मुताबिक, ईरान को हर स्तर पर बहुत ज़्यादा नुकसान हुआ - नागरिक और सैन्य मौतों की संख्या से लेकर मिसाइलों और बमों की मार तक ईरान हर मोर्चे पर पिछड़ता नजर आया.
ईरान में 620 से ज्यादा लोगों की मौत हुई, जिनमें 12 परमाणु वैज्ञानिक और 20 वरिष्ठ सैन्य कमांडर शामिल थे. इनके अलावा लगभग 4,870 लोग घायल हुए. दूसरी तरफ इजरायल में 28 नागरिक मारे गए और 3,200 से ज्यादा घायल हुए, लेकिन कोई भी इजरायली सैनिक नहीं मारा गया.

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