
इजरायली हमले में ईरान ने मानी 'लिमिटेड डैमेज' की बात, इलम, खुजेस्तान और तेहरान में मिलिट्री टारगेट तहस-नहस
AajTak
ईरान के अलावा इराक और सीरिया में भी कई विस्फोटों की सूचना मिली है, जिससे सीरियाई सेना को अपनी हवाई रक्षा को सक्रिय करना पड़ा. रिपोर्ट्स के मुताबिक सीरिया की राजधानी दमिश्क में विस्फोटों की सूचना मिली है. लेबनानी न्यूज आउटलेट अल मयादीन ने भी दियाला और सलाह अल-दीन गवर्नरेट्स के बाहरी इलाके में विस्फोटों की सूचना दी है.
इजरायल ने शनिवार को ईरान पर बड़ा हमला बोला. ईरान की राजधानी तेहरान में कई धमाके सुने गए हैं. न्यूज एजेंसी एपी की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान का कहना है कि इजरायली हमलों ने इलम, खुज़ेस्तान और तेहरान प्रांतों में सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, जिससे 'सीमित क्षति' हुई.
तेहरान टाइम्स के अनुसार, विस्फोटों की जानकारी अभी तक नहीं मिली है. हालांकि, कुछ स्रोतों से संकेत मिलता है कि ड्रिल का एक हिस्सा तेहरान के पास हुआ. एक वरिष्ठ अमेरिकी सैन्य अधिकारी ने अल जज़ीरा को बताया कि अमेरिका ईरान में विस्फोटों से अवगत है और स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है.
यह भी पढ़ें: Israel Strikes On Iran: ईरान पर आक्रमण के लिए इजरायल ने उतारे 100 वॉर प्लेन, F-35 फाइटर जेट ने 2000 KM दूर टारगेट को किया मटियामेट
इराक, सीरिया और लेबनान में भी धमाके
ईरान के अलावा इराक और सीरिया में भी कई विस्फोटों की सूचना मिली है, जिससे सीरियाई सेना को अपनी हवाई रक्षा को सक्रिय करना पड़ा. रिपोर्ट्स के मुताबिक सीरिया की राजधानी दमिश्क में विस्फोटों की सूचना मिली है. लेबनानी न्यूज आउटलेट अल मयादीन ने भी दियाला और सलाह अल-दीन गवर्नरेट्स के बाहरी इलाके में विस्फोटों की सूचना दी है.
ईरान ने हमलों को किया स्वीकार

मिडिल ईस्ट में अमेरिका के बढ़ते सैन्य दबाव के बीच सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा है कि चीन ने ईरान को अब तक का सबसे बड़ा मिलिट्री एयरलिफ्ट भेजा है. 56 घंटों के भीतर चीन के 16 Y-20 मिलिट्री ट्रांसपोर्ट विमान ईरान पहुंचे. इसके अलावा HQ-9B एयर डिफेंस मिसाइल प्रणाली मिलने की भी चर्चा है जो लंबी दूरी तक दुश्मन के फाइटर जेट्स और मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम मानी जाती है. ऐसे में क्या क्या खुलकर ईरान के समर्थन में उतर गया बीजिंग?

स्विट्ज़रलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम से पहले पाकिस्तान पर दबाव और विरोध का स्तर बढ़ गया है. पश्तून तहफ्फुज मूवमेंट (PTM) और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने स्थानीय सड़कों पर पाकिस्तान के खिलाफ नारे लगाए, जिनमें पाकिस्तानी सेना और प्रधानमंत्री पर गंभीर आरोप लगे. वे आरोप लगाते हैं कि सेना जबरन गायब करने, फर्जी मुठभेड़ों में हत्याओं और खनिज संसाधनों की लूट में शामिल है.

संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद जायेद अल नहयान के भारत दौरे ने पाकिस्तान में फिर से पुरानी डिबेट छेड़ दी है. पाकिस्तान के विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तानी नेतृत्व की वजह से हमें भारत की तुलना में हमेशा कमतर आंका जाता है. पाकिस्तान में इस दौरे को मिडिल ईस्ट मे पैदा हुए हालात और सऊदी अरब -पाकिस्तान के संबंधों के बरक्श देखा जा रहा है.

यूरोप में कुछ बेहद तेजी से दरक रहा है. ये यूरोपीय संघ और अमेरिका का रिश्ता है, जिसकी मिसालें दी जाती थीं. छोटा‑मोटा झगड़ा पहले से था, लेकिन ग्रीनलैंड ने इसे बड़ा कर दिया. डोनाल्ड ट्रंप लगातार दोहरा रहे हैं कि उन्हें हर हाल में ग्रीनलैंड चाहिए. यूरोप अड़ा हुआ है कि अमेरिका ही विस्तारवादी हो जाए तो किसकी मिसालें दी जाएंगी.









