
इजरायली हमले में ईरान के 2 और टॉप जनरलों की मौत, फोरडो न्यूक्लियर साइट को भी नुकसान
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ईरान की सरकारी मीडिया के अनुसार, आर्म्ड फोर्सेज जनरल स्टाफ के डिप्टी हेड ऑफ इंटेलिजेंस जनरल घोलमरेजा मेहराबी और डिप्टी हेड ऑफ ऑपरेशन जनरल मेहदी रब्बानी की मौत हो गई.
ईरान ने पुष्टि की है कि उसके दो उच्च पदस्थ जनरल शनिवार को इजरायल के ताजा हमलों में मारे गए. मध्य पूर्व के इन दो सबसे बड़े विरोधियों के बीच शत्रुता काफी आगे बढ़ गई है. यह घटना शनिवार को तड़के हुई. ईरान ने इजरायल पर मिसाइल और रॉकेट से ताबड़तोड़ हमले किए, येरुशलम और इजरायल के अन्य हिस्सों में विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं. हवाई हमलों की यह ताजा श्रृंखला इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ अब तक के सबसे बड़े हमले के एक दिन बाद आई है, जिसमें इजरायल ने ईरान के परमाणु प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को नष्ट कर दिया. इजरायल के सटीक हमलों में ईरानी सेना प्रमुख मोहम्मद बघेरी, रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के चीफ हुसैन सलामी समेत कम से कम 20 शीर्ष सैन्य कमांडरों की मौत हो गई.
इतना ही नहीं, इजरायल के हमले में ईरानी न्यूक्लियर प्रोग्राम से जुड़े 6 शीर्ष परमाणु वैज्ञानिकों भी मारे गए. इस बीच, इजरायली सेना ने तेहरान पर हवाई हमलों का तीसरा दौर शुरू किया, जिसके तहत शहर के कई हिस्सों में विस्फोट होने की खबर है. ईरान की सरकारी मीडिया के अनुसार, आर्म्ड फोर्सेज जनरल स्टाफ के डिप्टी हेड ऑफ इंटेलिजेंस जनरल घोलमरेजा मेहराबी और डिप्टी हेड ऑफ ऑपरेशन जनरल मेहदी रब्बानी की मौत हो गई. ईरान की समाचार एजेंसी ISNA ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि हाल के इजरायली हमलों के बाद फोरडो परमाणु संयंत्र को सीमित क्षति पहुंची है.
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टाइम्स ऑफ इजरायल ने ईरान की परमाणु ऊर्जा एजेंसी के प्रवक्ता बेहरोज कमालवंदी के हवाले से कहा, 'फोरडो एनरिचमेंट साइट के कुछ क्षेत्रों में सीमित क्षति हुई है. हमने पहले ही उपकरणों और सामग्रियों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हटा लिया है, और कोई व्यापक क्षति नहीं हुई है और रेडिएशन की चिंता नहीं है.'
ईरान और इजरायल के बीच जारी सैन्य टकराव में अब तक क्या हुआ...
1. ईरान ने इजरायली हमलों के जवाब में उसके खिलाफ 'ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस' शुरू किया है. ईरान ने शनिवार तड़के इजरायल पर मिसाइल और रॉकेट दागे, जिसमें कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई और लगभग 34 अन्य घायल हो गए. ईरानी मिसाइलों ने इजरायल के आयरन डोम एयर डिफेंस सिस्टम को भेदने में सफल रहीं. वहीं ईरान के खिलाफ इजरायल ने शुक्रवार को 'ऑपरेशन राइजिंग लॉयन', शुरू किया था, जो शनिवार को भी जारी रहा. ईरान के अलग-अलग शहरों में इजरायली हवाई हमलों में कम से कम 78 लोग मारे गए और 320 से ज्यादा लोग घायल हो गए.

ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमले को लेकर मचे घमासान के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कल मीडिया के सामने आकर युद्ध को लेकर कई बड़ी बातें कहीं नेतन्याहू ने ईरान के साथ संघर्ष में अमेरिका को घसीटने की फर्जी खबरों का खंडन किया. कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति हमेशा वही निर्णय लेते हैं जो उन्हें अमेरिका के हित में लगता है. उन्होंने ईरान के साथ चल रहे संघर्ष के दौरान इजरायल और अमेरिका के तालमेल की भी प्रशंसा की.

जिस ईरान को बर्बाद करने के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप निकले थे. अब लगता है कि उनका पैर उसी ईरान के 'तेल' पर फिसल गया है. और इसलिए वो एक बार फिर पूरी दुनिया को 'चौंकाने' वाला फैसला ले सकते हैं. और ये फैसला ईरान के तेल की Sale से जुड़ा है. ईरान को पूरी तरह से अलग-थलग करने और हर चीज के लिए 'मोहताज' बनाने की कोशिश करने वाले ट्रंप अब खुद ईरान के तेल से प्रतिबंध हटा सकते हैं. और तेल की Sale करने की अनुमति दे सकते हैं? अब सवाल ये है कि जब ट्रंप खुद ईरान के तेल की बिक्री के लिए तैयार हैं, तो वो ईरान से युद्ध क्यों लड़ रहे हैं? क्या वाकई ईरान ने ट्रंप को ऐसा करने के लिए मजबूर कर दिया है, या ट्रंप अपने ही फैसलों की फांस में फंस चुके हैं?











