
आयुर्वेद बनाम एलोपैथी की चर्चा के बीच बाबा Ramdev ने पोस्ट किया वीडियो, दिखा Akshay Kumar का संदेश
Zee News
Ayurveda vs Allopathy: बाबा रामदेव लगातार कह रहे हैं कि योग, आयुर्वेद और नेचुरोपैथी ने गंभीर बीमारियों को ठीक कर लाखों लोगों की जान (Ayurvedic Save Many Lives) बचाई है. इस बात से कोई भी इनकार नहीं कर सकता. वहीं एलोपैथी के समर्थकों के अपने अलग तर्क हैं.
नई दिल्ली: देश में आयुर्वेद और एलोपैथ के बीच श्रेष्ठता को लेकर बहस जारी है. इस मामले में एक ओर जहां बाबा रामदेव (Baba Ramdv) और इंडियन मेडिकल एसोशिएशन (IMA) का विवाद चल रहा है, वहीं दूसरी ओर एलोपैथ और आयुर्वेद के समर्थक भी सोशल मीडिया पर तलवारें खींच कर अपने-अपने 'मन की बात' कर रहे हैं. आप अपनी बॉडी के खुद ब्रांड अम्बेसडर बने, सिंपल और हेल्दी लाइफ जीयें, और दुनिया को दिखा देते हैं, कि हमारे हिंदुस्तानी योग व आयुर्वेद में जो ताकत है, वह किसी अंग्रेज के केमिकल इंजेक्शन में नहीं है- अक्षय कुमार। साभार-अक्षय कुमार बाबा रामदेव लगातार कह रहे हैं कि योग, आयुर्वेद और नेचुरोपैथी ने गंभीर बीमारियों को ठीक कर लाखों लोगों की जान (Ayurvedic Save Many Lives) बचाई है. इस बात से कोई भी इनकार नहीं कर सकता. वहीं एलोपैथ समर्थकों के अपने तर्क हैं. मध्यम मार्गी लोग जरूरत के हिसाब से दोनों को श्रेष्ठ बता रहे हैं. इस विवाद में लेटेस्ट सेलिब्रेटी बयान की बात करें तो बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता अक्षय कुमार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.

India Nuclear Powered Submarine: साल 2040 तक भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा न्यूक्लियर पावर्ड पनडुब्बी ऑपरेटर बन सकता है. इस दौरान भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़ देगा. अमेरिका, रूस और चीन के बाद चौथा देश बन जाएगा. दुनिया में सबसे ज्यादा न्यूक्लियर सबमरीन अमेरिका के पास हैं. इनकी संख्या 60 से 70 के बीच है.

DRDO hypersonic missile: भारतीय नौसेना एक बेहद लंबी दूरी वाली, हवा से लॉन्च होने वाली 'एंटी-शिप बैलिस्टिक' मिसाइल हासिल करने की योजना बना रही है. यह मिसाइल 1,000 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम होगी. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि हमारे लड़ाकू विमान दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम की रेंज में आए बिना ही उनके जहाजों को समंदर की गहराइयों में भेज सकेंगे.

30MM Naval Gun Indian Navy: यह गन सिस्टम भारत फोर्ज के आर्टिलरी सेक्टर में अनुभव पर आधारित है. कंपनी पहले ही 30×173 मिमी NATO स्टैंडर्ड कैलिबर पर आधारित मॉड्यूलर टर्रेट्स विकसित कर चुकी है. इनका इस्तेमाल इंफैंट्री कॉम्बैट व्हीकल्स में होता है. यही कैलिबर समुद्री नजदीकी लड़ाई (Close-Range Engagement) के लिए भी प्रभावी माना जाता है.









