
आज सोनिया गांधी से मिलेंगे Captian Amrinder Singh, जानिए क्या हो सकती है वजह
Zee News
एक जानकारी के मुताबिक कैप्टन अमरिंदर सिंह चुनाव से पहले बचे हुए सरकार के कार्यकाल के लिए अपनी कैबिनेट में फेरबदल करना चाहते हैं.
नई दिल्ली: पंजाब कांग्रेस (Punjab Congress) में जारी 'अंदरूनी जंग' थमने का नाम नहीं ले रही है. एक बार फिर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात के लिए राजधानी दिल्ली आ रहे हैं. नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) के पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद कैप्टन की सोनिया गांधी के साथ यह पहली मुलाकात होगी. In 2018, I held Press Conference, asking the Govt to immediately act upon the information shared by STF with the Hon’ble Court, after investigating into incriminating evidence produced before Court by Enforcement Directorate (Sharing Court records with admissible statements). 2/6 — Navjot Singh Sidhu (@sherryontopp)
J-10C fighter jet: पेंटागन की एक ताजा रिपोर्ट ने दक्षिण एशिया की हवाई सुरक्षा को लेकर एक बड़ी हलचल पैदा कर दी है. चीन ने गुपचुप तरीके से पाकिस्तान को जो J-10C लड़ाकू विमान दिए थे, उन्हें लेकर अब अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने पक्की मुहर लगा दी है. यह खबर ऐसे समय में आई है जब भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव हमेशा बना रहता है, और 'ऑपरेशन सिंदूर' जैसे मिशनों में इन विमानों की भूमिका ने सुरक्षा विशेषज्ञों के कान खड़े कर दिए हैं.

India Radar Air Defence Network: देश के एयर डिफेंस सिस्टम में अब Passive Coherent Location Radar (PCLR) को शामिल किया जा रहा है. इसे भारत के उभरते Low Observable Detection Network (LODN) का अहम हिस्सा माना जा रहा है. इस नेटवर्क का मकसद ऐसे स्टेल्थ और लो-ऑब्जर्वेबल हवाई खतरों का पता लगाना है. जो आम रडार की पकड़ से बच निकलते हैं.

India Plans 114 Rafale Jets and Stealth Submarines: एयरफोर्स के लिए 114 राफेल मल्टी-रोल लड़ाकू विमानों और नौसेना के लिए प्रोजेक्ट 75I के तहत 6 अत्याधुनिक पनडुब्बियों की खरीद को अंतिम रूप देने की तैयारी में है. इन दोनों सौदों को भारत के पोस्ट-कोल्ड वॉर दौर की सबसे अहम रक्षा खरीद में से एक माना जा रहा है.

Army Parade Autonomous Utility Logistics Vehicle: यह वाहन एक कॉम्पैक्ट, लो-प्रोफाइल और ट्रैक्ड रोबोटिक प्लेटफॉर्म है. जिसे बेहद मुश्किल और खतरनाक इलाकों में काम करने के लिए तैयार किया गया है. ड्रोन, आर्टिलरी और प्रिसिजन हथियारों के बढ़ते खतरे को देखते हुए, यह वाहन उन इलाकों में सप्लाई पहुंचाने के लिए बनाया गया है. जहां सैनिकों के साथ जाने वाले काफिले जोखिम में होते हैं.

Naval propulsion system India: भारत की दिग्गज कंपनी Bharat Forge अब जमीन और आसमान के बाद समंदर की लहरों पर राज करने की तैयारी में है. कंपनी के चेयरमैन Baba Kalyani ने एक बहुत बड़ा ऐलान किया है, जिससे भारतीय नौसेना की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी. अब देश के युद्धपोतों को चलाने के लिए विदेशी इंजनों या उनके पुर्जों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, क्योंकि भारत ने अपना खुद का 'नेवल प्रोपल्शन सिस्टम' यानी जहाज को चलाने वाली मशीनरी बनाना शुरू कर दिया है.

Indian anti drone system: सरहदों पर और संवेदनशील इलाकों में दुश्मन के ड्रोन अब मनमानी नहीं कर पाएंगे. भारतीय रक्षा क्षेत्र की एक और कंपनी ने एक ऐसा 'शिकारी' तैयार किया है, जो आसमान में उड़ते हुए ड्रोन को ढूंढकर उसे वहीं खत्म कर देगा. यह कोई साधारण बंदूक नहीं, बल्कि एक गाइडेड मिसाइल सिस्टम है जिसे छोटे ड्रोन को मारने के लिए ही बनाया गया है.

Rafale Deliveries: भारत में बनने वाला प्लांट सिर्फ भारतीय वायुसेना के लिए नहीं होगा. Dassault की योजना इसे एक ग्लोबल एक्सपोर्ट हब के तौर पर विकसित करने की है. जहां से दुनिया के दूसरे देशों को भी राफेल सप्लाई किए जा सकें. यह भारत को वैश्विक एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की सोच से भी मेल खाती है.

Indian Navy Shipyards: रक्षा मंत्रालय (MoD) ने मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL), गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE), गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (GSL) और हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (HSL) जैसे सरकारी शिपयार्ड्स को खास निर्देश दिए हैं. इन निर्देशों के तहत डॉकिंग और निर्माण क्षमता बढ़ाई जाएगी. ताकि भारत में बने युद्धपोतों का निर्यात आसान और तेज हो सके.

India Russia SU-57 Deal: भारत क्या रूस से SU-57 खरीदेगा. रूस ने एक बाद एक ऑफर भारत के सामने पेश किया है. रोस्टेक कंपनी के सीईओ ने सीईओ ने भारत जिस राफेल डील के पीछे जा रहा है, हम उतने ही पैसे में 5वीं पीढ़ी के 230 फाइटर जेट देंगे. यानी दोगुने से भी ज्यादा फाइटर जेट भारत को मिलेंगे. वर्तमान में फ्रांस से 114 राफेल फाइटर जेट को लेकर भारत से फ्रांस की बातचीत चल रही है.

Indian Navy S5 Class SSBN Construction: चीन और पाकिस्तान की बढ़ती नौसैनिक ताकत भारत के लिए एक बड़ी चुनौती मानी जाती है. इसी को ध्यान में रखते हुए S5 पनडुब्बियों को बेहद आधुनिक स्टेल्थ तकनीक से लैस किया जा रहा है. इनमें 190 मेगावॉट का प्रेसराइज्ड वाटर रिएक्टर होगा. इसे पूरी तरह स्वदेशी रूप से भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) ने विकसित किया है.

Indian Navy Kamikaze Drones for Maritime Strike: इन मैरीटाइम लॉइटरिंग म्यूनिशन की रेंज अधिक होगी. नौसेना के जहाज दुश्मन के तट और जहाजों पर काफी दूर से हमला कर सकेंगे. इससे दुश्मन के तटीय डिफेंस सिस्टम और एंटी-शिप हथियारों का खतरा कम होगा. इन ड्रोन को दोहरी भूमिका के लिए तैयार किया जा रहा है. जमीन पर मौजूद ठिकानों के साथ-साथ दुश्मन के युद्धपोतों पर भी हमला किया जा सकेगा.


