
अल साल्वाडोर की मेगा जेल में बंद था बेटा, टीवी पर दिखा तो रोने लगी मां
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अल साल्वाडोर की मेगा जेल में बेटे को देखकर एक महिला हैरान हो गई और फफक-फफक कर रोने लगी. वह कह रही थी उसका बेटा अपराधी नहीं है.
टीवी पर अमेरिका से डिपोर्ट कर अल साल्वाडोर की मेगा जेल भेजे गए बंदियों की न्यूज दिखाई जा रही थी. इनमें एक वेनेजुएलाई शख्स ट्रेन डी अरागुआ गिरोह के सदस्यों के बीच बैठा था. वेनेजुएला में टीवी पर इस न्यूज को देख एक महिला जोर-जोर से चिल्लाने लगी- ये वही है... ये मेरा बेटा है, ये कोई अपराधी नहीं है, जरूर कोई गलतफहमी हुई है.
वेनेजुएला के शहर माराके के एक गरीब इलाके में 24 वर्षीय फ्रांसिस्को जोस गार्सिया कैसिक की मां शनिवार को उसका इंतजार कर रही थी. फ्रांसिस्को 18 महीने पहले अमेरिका में एक नई जिंदगी शुरू करने गया था. अभी कुछ दिनों पहले उसने अपनी मां को बताया था कि अब उसे अमेरिका में अवैध रूप से रहने के कारण वेनेजुएला की राजधानी कराकास वापस भेजा जा रहा है.
कुछ दिन पहले बेटे ने घर आने की कही थी बात कुछ दिन पहले ही मां की बेटे से बात हुई थी. फ्रांसिस्को की मां मायरेलिस कैसिक लोपेज़ याद करते हुए कहती हैं कि मुझे लगा कि यह एक अच्छा संकेत है कि उसे काराकास भेजा जा रहा है. वह उसे घर वापस लाना चाहती थी.
अल साल्वाडोर के सीकोट जेल की फुटेज में आया नजर लेकिन वह कभी घर नहीं पहुंचा और रविवार को एक टेलीविजन न्यूज रिपोर्ट देखते समय, कैसिक अपने बेटे को देखकर चौंक गईं, जो अमेरिका या वेनेजुएला में नहीं बल्कि 2,300 किमी दूर एल साल्वाडोर में था. फुटेज में वेनेजुएला के 238 लोगों को दिखाया गया है जिन्हें अमेरिकी अधिकारियों ने आतंकवाद निरोध केंद्र या सीकोट में भेजा है, जो एक कुख्यात मेगा-जेल है.
हाथ और पैर में लगी थी बेड़ियां मां ने देखा कि मुंडा हुआ सिर और हाथ-पैरों में बेड़ियां पहने लोगों को भारी हथियारों से लैस सुरक्षा बलों द्वारा जबरन ले जाया जा रहा है. उसी बीच उसका बेटा भी मौजूद था. ट्रंप प्रशासन का कहना है कि सभी निर्वासित लोग ट्रेन डे अरागुआ गिरोह के सदस्य हैं, जो व्हाइट हाउस के निशाने पर हैं.
शक्तिशाली बहुराष्ट्रीय अपराध समूह, जिसे ट्रंप ने हाल ही में एक विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित किया है. इन पर घरेलू और प्रमुख अमेरिकी शहरों में यौन तस्करी, नशीली दवाओं की तस्करी और हत्याओं का आरोप है.

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