
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने डेल्टा वैरिएंट से किया आगाह, कहा- जल्द टीका लगवाएं
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दुनिया में कोरोना वायरस महामारी की शुरुआत हुए तकरीबन डेढ़ साल बीत चुके हैं. इन दिनों कई देशों में डेल्टा वैरिएंट तबाही बचा रहा है. इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने भी कहा है कि यह काफी घातक है और दुनिया में तेजी से फैल रहा है.
दुनियाभर के देश कोरोना वायरस के नए-नए वैरिएंट्स से परेशान हैं. इन दिनों अमेरिका, ब्रिटेन आदि में डेल्टा वैरिएंट तबाही मचा रहा है. अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन डेल्टा वैरिएंट को लेकर चेतावनी दी है. उन्होंने डेल्टा वैरिएंट का हवाला देते हुए लोगों से जल्द-से-जल्द टीका लगवाने के लिए कहा है. मालूम हो कि अमेरिका की एक बड़ी आबादी को कोरोना का टीका लगाया जा चुका है, जबकि कुछ लोगों को अभी भी लगना बाकी है. ऐसे में बाइडन ने टीकाकरण की अपील की. Here’s the deal: The Delta variant is more contagious, it’s deadlier, and it’s spreading quickly around the world – leaving young, unvaccinated people more vulnerable than ever. Please, get vaccinated if you haven’t already. Let’s head off this strain before it’s too late. pic.twitter.com/9gBeRpvCe8
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के दावोस शिखर सम्मेलन में मंगलवार को यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इसके संकेत दिए. उन्होंने दावोस शिखर सम्मेलन में कहा कि कुछ लोग इसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहते हैं, ऐसा समझौता जो 2 अरब लोगों का बाजार बनाएगा और वैश्विक GDP के करीब एक-चौथाई का प्रतिनिधित्व करेगा.

मिडिल ईस्ट क्षेत्र में अमेरिकी फौजी जमावड़े ने स्थिति को काफी संवेदनशील बना दिया है. एयरक्राफ्ट कैरियर, फाइटर जेट्स और मिसाइल डिफेंस सिस्टम अलर्ट मोड पर हैं. इसी बीच सोशल मीडिया पर दावा किया गया है कि चीन ने ईरान को अब तक की सबसे बड़ी सैन्य मदद भेजी है, जिसमें 56 घंटे के भीतर चीन के 16 जहाज ईरान पहुंचे. हालांकि इस सूचना की पुष्टि नहीं हुई है.

ईरान की राजधानी तेहरान में होने वाले विरोध प्रदर्शनों ने हालात को काफी गंभीर बना दिया है. जनता और सत्ता पक्ष के बीच भारी तनाव है जबकि अमेरिका भी लगातार दबाव बढ़ा रहा है. ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति पर तगड़ा हमला किया है. वहीं, अरब सागर की ओर अमेरिकी युद्धपोत की मौजूदगी से क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है.

मिडिल ईस्ट में अमेरिका के बढ़ते सैन्य दबाव के बीच सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा है कि चीन ने ईरान को अब तक का सबसे बड़ा मिलिट्री एयरलिफ्ट भेजा है. 56 घंटों के भीतर चीन के 16 Y-20 मिलिट्री ट्रांसपोर्ट विमान ईरान पहुंचे. इसके अलावा HQ-9B एयर डिफेंस मिसाइल प्रणाली मिलने की भी चर्चा है जो लंबी दूरी तक दुश्मन के फाइटर जेट्स और मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम मानी जाती है. ऐसे में क्या क्या खुलकर ईरान के समर्थन में उतर गया बीजिंग?

स्विट्ज़रलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम से पहले पाकिस्तान पर दबाव और विरोध का स्तर बढ़ गया है. पश्तून तहफ्फुज मूवमेंट (PTM) और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने स्थानीय सड़कों पर पाकिस्तान के खिलाफ नारे लगाए, जिनमें पाकिस्तानी सेना और प्रधानमंत्री पर गंभीर आरोप लगे. वे आरोप लगाते हैं कि सेना जबरन गायब करने, फर्जी मुठभेड़ों में हत्याओं और खनिज संसाधनों की लूट में शामिल है.








