
अमेरिका के चिड़ियाघर में 'पुतिन' को आया हार्ट अटैक, तमाम कोशिशों के बाद भी डॉक्टर नहीं बचा सके जान
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अमेरिका में मिनेसोटा ज़ू में 'पुतिन' की मौत का मामला सामने आया है. डॉक्टरों का कहना है कि हमने उसे बचाने के तमाम प्रयास किए, लेकिन हमारी कोशिशें कामयाब नहीं हो सकीं.
संयुक्त राज्य अमेरिका (United States of America) के मिनेसोटा चिड़ियाघर (Minnesota Zoo) में 'पुतिन' (Putin) को हार्ट अटैक का मामला सामने आया है. इस दौरान डॉक्टरों ने तमाम कोशिशें कीं, लेकिन 'पुतिन' को बचाया नहीं जा सका. चौंकिएगा नहीं, हम बात कर रहे हैं 12 साल के पुतिन नाम के बाघ (Tiger) की. जो कि 2015 से मिनेसोटा चिड़ियाघर में रह रहा था. चिकित्सकीय जांच के दौरान पुतिन ने दम तोड़ दिया.
बता दें कि मिनेसोटा चिड़ियाघर में सभी जानवरों की नियमित तौर पर चिकित्सकीय जांच होती है. लिहाजा बुधवार को पुतिन नाम के अमूर बाघ के स्वास्थ्य की डॉक्टर जांच कर रहे थे, उसी दौरान पुतिन बाघ को हार्ट अटैक आ गया. पशु चिकित्सकों और ज़ूकीपर्स ने तमाम प्रयास किए लेकिन बाघ को बचाया नहीं जा सका.
सभी जरूरी सावधानियां बरती गईं
मिनेसोटा चिड़ियाघर के पशु देखभाल और संरक्षण के प्रमुख डॉ. टेलर यॉ ने कहा कि यह एक नियमित प्रक्रिया थी, जो बाघों की देखभाल और संरक्षण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. जांच के दौरान सभी जरूरी सावधानियां बरती गईं और टीम ने बाघ को बचाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी. लेकिन हम उसे बचा नहीं सके.
शोक में डूबे चिड़ियाघर के कर्मचारी
मिनेसोटा चिड़ियाघर के निदेशक जॉन फ्रॉली ने कहा कि आज मिनेसोटा चिड़ियाघर में हम सभी के लिए बेहद कठिन दिन है. हमें बाघ की मौत का गहरा आघात लगा है. यहां काम करने वाले सभी अधिकारी और कर्मचारी शोक में हैं. पुतिन बाघ की मौत के बाद ये ज़ू अब सुंदरी नाम की वयस्क मादा बाघ का घर है. उन्होंने कहा कि हमारे चिड़ियाघर ने वैश्विक स्तर पर बाघ संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. बाघ संरक्षण अभियान के लिए हमने लाखों डॉलर जुटाए हैं. मिनेसोटा ज़ू में पिछले 40 से अधिक साल से बाघ संरक्षण का काम किया जा रहा है.

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