
अफगानिस्तान में हिंसा का दौर रुके, आतंकियों के लिए ना बने सुरक्षित ठिकाना: NATO
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NATO देशों के विदेश मंत्रियों ने एक अहम बैठक की थी. उस बैठक के दौरान अफगानिस्तान पर विस्तार से चर्चा की गई. जोर देकर कहा गया कि अफगानिस्तान की वर्तमान स्थिति चिंता में डालने वाली है.
अफगानिस्तान में जारी उथल-पुथल पर नाटो देशों की पैनी नजर है. तालिबान की बढ़ती ताकत की वजह से खाड़ी देश में पैदा हुई अस्थिरता ने पूरी दुनिया के सामने नई चुनौतियां पेश कर दी हैं. ऐसे में नाटो के तमाम देश अफगानिस्तान में फिर शांति स्थापित करना चाहते हैं. वे अफगानिस्तान को फिर आतंकियों के लिए सुरक्षित ठिकाना नहीं बनाना चाहते हैं.
वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.

आज सबसे पहले आपको उस रिपोर्ट के बारे में बताएंगे, जिसके मुताबिक अमेरिका ने ईरान पर हमले की तारीख मुकर्रर कर दी है. और ये हमला इस हफ्ते के आखिर तक हो सकता है. ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि ईरान नहीं माना तो हमला होगा. रमज़ान का महीना शुरू हो गया है और ये मुसलमानों के लिए पाक महीना माना जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर रमजान के महीने में हमला किया तो मुस्लिम देश क्या करेंगे?











