
'बांग्लादेश को काटकर एक स्वतंत्र क्रिश्चियन देश बनाने का ऑफर', शेख हसीना के 'व्हाइट मैन' वाले खुलासे से सनसनी!
AajTak
प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा कि उनकी अवामी लीग पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार हमेशा संकट में रहती है. अभी और परेशानी होगी, लेकिन इस पर फिक्र करने की कोई जरूरत नहीं है.
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना (Sheikh Hasina) ने एक इंटरव्यू में कहा है कि उन्हें 7 जनवरी के चुनावों के लिए ऑफर दिया गया था कि अगर वह अपने देश के अंदर एयरबेस बनाने की छूट देती हैं, बिना किसी परेशानी के चुनाव करवाने दिया जाएगा. शेख हसीना ने ऑफर देने देश या शख्स का नाम तो नहीं बताया लेकिन उन्होंने दावा किया कि यह प्रपोजल एक 'व्हाइट मैन' की तरफ से आया था. पीएम हसीना ने कहा कि वह देश और विदेश, हर जगह लड़ाई लड़ रही हैं और बांग्लादेश से अलग एक नया देश बनाने की 'साजिशें अभी भी जारी हैं. पूर्वी तिमोर की तरह...वे बांग्लादेश (चट्टोग्राम) और म्यांमार के कुछ हिस्सों को बंगाल की खाड़ी में बेस के साथ लेकर एक ईसाई देश बनाएंगे."
साल 2009 से बांग्लादेश पर शासन कर रहीं 76 वर्षीय हसीना ने जनवरी में एकतरफा चुनाव में कुल मिलाकर पांचवां कार्यकाल हासिल किया, जिसका पूर्व प्रधान मंत्री खालिदा जिया के नेतृत्व वाली मुख्य विपक्षी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने बहिष्कार किया था.
'इसलिए संकट में रहती है मेरी सरकार...'
बांग्लादेश के अखबार The Daily Star की रिपोर्ट के मुताबिक रविवार को शेख हसीना ने कहा, "अगर मैं किसी खास देश को बांग्लादेश में एयरबेस बनाने की अनुमति देती, तो मुझे कोई समस्या नहीं होती." हालांकि, उन्होंने उस देश का नाम नहीं बताया, जिसने उन्हें यह पेशकश की थी, लेकिन इस बात पर जोर दिया कि "प्रस्ताव एक श्वेत व्यक्ति की ओर से आया था."
बांग्लादेश के संस्थापक और पहले राष्ट्रपति शेख मुजीबुर रहमान की बेटी हसीना ने कहा, "यह प्रस्ताव एक श्वेत व्यक्ति की ओर से आया था. ऐसा लग सकता है कि इसका लक्ष्य केवल एक ही देश है, लेकिन ऐसा नहीं है. मैं जानती हूं कि वे और कहां जाने का इरादा रखते हैं."

राष्ट्रपति ट्रंप ने एक इंटरव्यू में स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि ईरान ने उन पर हमला किया या उनकी हत्या की साज़िश रची, तो अमेरिका ईरान को पूरी तरह से दुनिया के नक्शे से मिटा देगा. यह बयान अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को और बढ़ा सकता है. ट्रंप की इस धमकी ने वैश्विक राजनीति में नई बहस छेड़ दी है. ऐसे हालात में दोनों देशों के बीच शांति बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है.

ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चिंता अभी भी कायम है. दावोस में दिए अपने भाषण में उन्होंने डेनमार्क को कड़ी चेतावनी दी और कहा कि वह एहसानफरामोश निकला, क्योंकि दूसरे विश्व युद्ध के बाद अमेरिका ने ग्रीनलैंड को दिया था, लेकिन अब डेनमार्क इसका सही उपयोग नहीं कर रहा है. ट्रंप ने जोर देकर कहा कि ग्रीनलैंड अमेरिका की सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है और वह इसे लेना चाहते हैं.

'PM मोदी की बहुत इज्जत करता हूं, जल्द अच्छी ट्रेड डील होगी', टैरिफ धमकियों के बीच ट्रंप का बड़ा बयान
ट्रंप ने मीडिया संग बातचीत में भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर कहा कि आपके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर मेरे मन में बहुत सम्मान है. वह बेहतरीन शख्स है और मेरे दोस्त हैं. हमारे बीच बेहतरीन ट्रेड डील होने जा रही है.

ट्रंप ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम को संबोधित करते हुए कहा कि मुझे यूरोप से प्यार है लेकिन वह सही दिशा में आगे नहीं बढ़ रहा है. दुनिया हमें फॉलो कर बर्बादी के रास्ते से बच सकती है. मैंने कई मुल्कों को बर्बाद होते देखा है. यूरोप में मास माइग्रेशन हो रहा है. अभी वो समझ नहीं रहे हैं कि इसके क्या-क्या दुष्प्रभाव हो सकते हैं. यूरोपीयन यूनियन को मेरी सरकार से सीखना चाहिए.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्विट्जरलैंड के दावोस में ग्रीनलैंड को लेकर बड़ा प्रस्ताव रखा है. उन्होंने साफ कहा है कि अगर ग्रीनलैंड अमेरिका को नहीं दिया गया तो वे यूरोप के आठ बड़े देशों पर टैरिफ लगाएं जाएंगे. इस स्थिति ने यूरोप और डेनमार्क को ट्रंप के खिलाफ खड़ा कर दिया है. यूरोप और डेनमार्क ने स्पष्ट कर दिया है कि वे ट्रंप के इस ब्लैकमेल को बर्दाश्त नहीं करेंगे.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विमान को एक तकनीकी खराबी की वजह से वापस वाशिंगटन लौट आया. विमान को ज्वाइंट बेस एंड्रयूज में सुरक्षित उतारा गया. ट्रंप के एयर फोर्स वन विमान में तकनीकि खराबी की वजह से ऐसा करना पड़ा. विमान के चालक दल ने उड़ान भरने के तुरंत बाद उसमें एक मामूली बिजली खराबी की पहचान की थी. राष्ट्रपति ट्रंप वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम की बैठक में शिरकत करने के लिए स्विट्ज़रलैंड के दावोस जा रहे थे.

ग्रीनलैंड में आजादी की मांग दशकों से चल रही है. फिलहाल यह द्वीप देश डेनमार्क के अधीन अर्ध स्वायत्त तरीके से काम करता है. मतलब घरेलू मामलों को ग्रीनलैंडर्स देखते हैं, लेकिन फॉरेन पॉलिसी और रक्षा विभाग डेनमार्क सरकार के पास हैं. अब कयास लग रहे हैं कि डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड पर कब्जे की जिद के बीच वहां अलगाववाद को और हवा मिलेगी.

स्विटजरलैंड के दावोस में चल रहे WEF की बैठक में फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने ट्रंप को बताया कि अमेरिका जैसी शक्ति को क्यों कानून आधारित वर्ल्ड ऑर्डर का सम्मान करना चाहिए. उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में बहुपक्षवाद के बिखरने का डर सता रहा है. मैक्रों ने कहा कि दुनिया में जोर जबरदस्ती के बजाय सम्मान और नियम-आधारित व्यवस्था को प्राथमिकता देने की जरूरत है.





