
श्रीलंकाः ISIS से कनेक्शन होने पर 2 संदिग्ध अरेस्ट, हैंडलर के रूप में हुई एक आरोपी की पहचान
AajTak
अधिकारियों ने बताया कि श्रीलंका के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र से इस्लामिक स्टेट (ISIS) से जुड़े होने पर 2 और संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है. ये एक्शन गुजरात के आतंकवाद निरोधक दस्ते (Gujarat ATS) द्वारा हाल ही में अहमदाबाद एयरपोर्ट पर ISIS से जुड़े 4 श्रीलंकाई नागरिकों को अरेस्ट करने के बाद हुआ है.
ISIS से कनेक्शन होने पर श्रीलंका की पुलिस ने 2 और संदिग्धों को गिरफ्तार किया है. अधिकारियों ने बताया कि श्रीलंका के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र से इस्लामिक स्टेट (ISIS) से जुड़े होने पर 2 और संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है. ये एक्शन गुजरात के आतंकवाद निरोधक दस्ते (Gujarat ATS) द्वारा हाल ही में अहमदाबाद एयरपोर्ट पर ISIS से जुड़े 4 श्रीलंकाई नागरिकों को अरेस्ट करने के बाद हुआ है.
बता दें कि चारों संदिग्धों ने 19 मई को कोलंबो से चेन्नई के लिए इंडिगो की फ्लाइट ली थी. श्रीलंकाई सुरक्षा बलों को संदेह है कि 46 वर्षीय व्यक्ति जिसकी पहचान ओसमंड गेरार्ड के रूप में हुई है, वह हैंडलर के रूप में काम कर रहा था और उसने चारों संदिग्धों को श्रीलंका से भारत तक पहुंचाने में मदद की थी.
जानकारी के मुताबिक गुजरात एटीएस ने जिन 4 संदिग्धों को अहमदाबाद एय़रपोर्ट से अरेस्ट किया गया था, उनआतंकियों को यहूदियों के प्रमुख स्थलों को निशाना बनाने का टास्क दिया गया था. उन्हें सिर्फ अपने पाकिस्तानी हैंडलर के इशारे का इंतजार था. एजेंसी का कहना है कि यह आईएसआईएस का नया प्रयोग है. क्योंकि ऐसा कम ही होता है कि आईएसआईएस विदेशी आतंकी को भारत भेजे. ये अपने आप में आतंकी संगठन का नया प्रयोग है.
आईएसआईएस भारत में पांव पसारने की लगातार कोशिश में हैं. यही कारण है कि इनकी गतिविधियां यहां तेज हो गई है. कई ऐसे घटनाएं भी सामने आ चुकी है, जिसमें आईएसआईएस का हाथ होने के सबूत मिले हैं. साथ ही कई संदिग्ध और आईएसआईस आतंकियों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है.
मार्च में असम से ISIS के इंडिया चीफ को गिरफ्तार किया गया था. आईएसआईएस का भारत प्रमुख और उसका एक सहयोगी बंग्लादेश की सीमा पार कर भारत में घुसा था. दोनों को असम के धुबरी जिले से गिरफ्तार किया गया था. ये भारत में आतंकी फंडिंग और लोगों की आईएसआईएस में भर्ती की गतिविधियों में शामिल था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्विट्जरलैंड के दावोस में ग्रीनलैंड को लेकर बड़ा प्रस्ताव रखा है. उन्होंने साफ कहा है कि अगर ग्रीनलैंड अमेरिका को नहीं दिया गया तो वे यूरोप के आठ बड़े देशों पर टैरिफ लगाएं जाएंगे. इस स्थिति ने यूरोप और डेनमार्क को ट्रंप के खिलाफ खड़ा कर दिया है. यूरोप और डेनमार्क ने स्पष्ट कर दिया है कि वे ट्रंप के इस ब्लैकमेल को बर्दाश्त नहीं करेंगे.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विमान को एक तकनीकी खराबी की वजह से वापस वाशिंगटन लौट आया. विमान को ज्वाइंट बेस एंड्रयूज में सुरक्षित उतारा गया. ट्रंप के एयर फोर्स वन विमान में तकनीकि खराबी की वजह से ऐसा करना पड़ा. विमान के चालक दल ने उड़ान भरने के तुरंत बाद उसमें एक मामूली बिजली खराबी की पहचान की थी. राष्ट्रपति ट्रंप वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम की बैठक में शिरकत करने के लिए स्विट्ज़रलैंड के दावोस जा रहे थे.

ग्रीनलैंड में आजादी की मांग दशकों से चल रही है. फिलहाल यह द्वीप देश डेनमार्क के अधीन अर्ध स्वायत्त तरीके से काम करता है. मतलब घरेलू मामलों को ग्रीनलैंडर्स देखते हैं, लेकिन फॉरेन पॉलिसी और रक्षा विभाग डेनमार्क सरकार के पास हैं. अब कयास लग रहे हैं कि डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड पर कब्जे की जिद के बीच वहां अलगाववाद को और हवा मिलेगी.

स्विटजरलैंड के दावोस में चल रहे WEF की बैठक में फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने ट्रंप को बताया कि अमेरिका जैसी शक्ति को क्यों कानून आधारित वर्ल्ड ऑर्डर का सम्मान करना चाहिए. उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में बहुपक्षवाद के बिखरने का डर सता रहा है. मैक्रों ने कहा कि दुनिया में जोर जबरदस्ती के बजाय सम्मान और नियम-आधारित व्यवस्था को प्राथमिकता देने की जरूरत है.

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के दावोस भाषण ने उस धारणा को तोड़ दिया कि वेस्टर्न ऑर्डर निष्पक्ष और नियमों पर चलने वाली है. कार्नी ने साफ इशारा किया कि अमेरिका अब वैश्विक व्यवस्था को संभालने वाली नहीं, बल्कि उसे बिगाड़ने वाली ताकत बन चुका है. ट्रंप के टैरिफ, धमकियों और दबाव की राजनीति के बीच मझोले देशों को उन्होंने सीधा संदेश दिया है- खुद को बदलो, नहीं तो बर्बाद हो जाओगे.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले से स्थापित वर्ल्ड ऑर्डर में हलचल ला दी. ट्रंप के शासन के गुजरे एक वर्ष वैश्किल उथल-पुथल के रहे. 'अमेरिका फर्स्ट' के उन्माद पर सवाल राष्ट्रपति ट्रंप ने टैरिफ का हंटर चलाकर कनाडा, मैक्सिको, चीन, भारत की अर्थव्यवस्था को परीक्षा में डाल दिया. जब तक इकोनॉमी संभल रही थी तब तक ट्रंप ने ईरान और वेनेजुएला में अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर दुनिया को स्तब्ध कर दिया.







