
रफाह में इजरायल के हमले पर भड़के अरब देश, इस्लामिक देशों के संगठन ने क्या कहा?
AajTak
गाजा में इजरायल की गोलीबारी से भागकर फिलिस्तीनियों ने दक्षिणी शहर रफाह में शरण ली थी लेकिन वहां भी उनकी जान सुरक्षित नहीं है. रविवार से ही इजरायल रफाह में हवाई हमले कर रहा है जिसमें विस्थापितों की जान जा रही है. इस हमले पर अरब लीग और इस्लामिक देशों का संगठन ओआईसी कड़ी प्रतिक्रिया दे रहे हैं.
गाजा के दक्षिणी हिस्से में बसे रफाह शहर में इजरायल रविवार से लगातार हमले कर रहा है जिसमें कई विस्थापित फिलिस्तीनियों की जान गई है. रविवार को विस्थापितों के टेंटों पर हुए एयरस्ट्राइक में 46 लोग मारे गए जिनमें से अधिकतर महिलाएं और बच्चे थे. फिलिस्तीनी प्राधिकरण ने इस हमले को लेकर कहा कि इजरायल ने जानबूझकर विस्थापितों को निशाना बनाया और हवाई हमले किए.
मंगलवार को भी रफाह पर हमला हुआ जिसमें 21 लोग मारे गए और 64 घायल हैं. हालांकि, इजरायल ने मंगलवार के हमले से इनकार किया है.
इजरायली हमले में फिलिस्तीनियों की मौत पर अरब दुनिया में भारी आक्रोश है. सऊदी अरब, यूएई, कतर समेत कई अरब देशों ने हमले के लिए इजरायल को निशाने पर लिया है.
सऊदी अरब ने क्या कहा?
सऊदी अरब ने रफाह में विस्थापितों पर इजरायल के हमले की कड़ी निंदा की है. विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी एक बयान में इजरायली सेना द्वारा अंतरराष्ट्रीय और मानवीय कानूनों के जबरदस्त उल्लंघन को खारिज कर दिया गया. बयान में अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तुरंत हस्तक्षेप का आह्वान किया गया.
सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने कहा कि गाजा में जो मानवीय स्थिति बन रही है, उसे किसी भी तरह से स्वीकार नहीं किया जा सकता है.

भारत की विदेश नीति में राजनयिक तंत्र और राजनीतिक दबाव के बीच अंतर दिख रहा है. बांग्लादेश के साथ रिश्तों में नरमी के संकेत मिलने के बाद भी क्रिकेटर मुस्ताफिजुर रहमान को आईपीएल से हटाने का फैसला विवादित रहा है. इस फैसले के बाद बांग्लादेश ने भी कह दिया है कि वो टी20 वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलेगा.

अमेरिका ने 21 जनवरी से 75 देशों के लिए इमिग्रेंट वीजा प्रक्रिया पर अनिश्चितकालीन रोक लगाकर सख्ती बढ़ा दी है. हैरानी की बात यह है कि इस लिस्ट में पाकिस्तान-बांग्लादेश के साथ कुवैत, थाईलैंड और ब्राजील जैसे देश भी शामिल हैं. इस फैसले ने मानदंडों को लेकर विशेषज्ञों और प्रवासियों के बीच नई बहस छेड़ दी है.

ग्रीनलैंड में अमेरिका और नाटो देश अब सीधे आमने सामने आ गए हैं. ऑपरेशन आर्कटिक एंड्योरेंस के तहत स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, नार्वे समेत कई यूरोपीय देशों ने ग्रीनलैंड की राजधानी नूक में अपनी सेनाएं भेजनी शुरू कर दी है. यह कदम डोनाल्ड ट्रंप के बार-बार के बयानों के बाद उठाया गया है. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने घोषणा की है कि फ्रांस की सेना का पहला दस्ते पहले ही रवाना हो चुका है और आगे और सैनिक भेजे जाएंगे.

ईरान में जारी हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बीच एक कनाडाई नागरिक की मौत हो गई है. कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने गुरुवार को इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि ईरानी अधिकारियों के हाथों इस नागरिक की जान गई है. कनाडा ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए ईरानी शासन की निंदा की है और नागरिकों के खिलाफ हो रही हिंसा को तत्काल रोकने की मांग की है.









