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अपने कट्टर दुश्मन सीरिया की मदद को आगे आया सऊदी अरब, 10 सालों में पहली बार किया ये काम

अपने कट्टर दुश्मन सीरिया की मदद को आगे आया सऊदी अरब, 10 सालों में पहली बार किया ये काम

AajTak
Tuesday, February 14, 2023 06:08:06 PM UTC

तुर्की और सीरिया में भीषण भूकंप के बाद सऊदी अरब ने मानवता को तरजीह देते हुए अपने दुश्मन सीरिया की सरकार को भी मदद भेजी है. 10 से अधिक सालों में ऐसा पहली बार हुआ है कि सऊदी के किसी विमान ने सीरिया में लैंड किया हो. विमान भूकंप पीड़ितों के लिए राहत सामग्री लेकर गया है.

तुर्की और सीरिया में आए विनाशकारी भूकंप के बाद लगभग सभी देश दुश्मनी भुलाकर प्रभावित लोगों की मदद को आगे आए हैं. सीरिया की बशर अल असद सरकार को अपना दुश्मन समझने वाला सऊदी अरब भी सीरिया के भूकंप प्रभावितों की मदद के लिए आगे आया है. सऊदी अरब का एक विमान मंगलवार को राहत सामग्री लेकर युद्धग्रस्त सीरिया के शहर अलेप्पो में उतरा. दस से भी अधिक सालों में ऐसा पहली बार हो रहा है कि सीरियाई क्षेत्र में सऊदी का कोई विमान उतरा हो.    सऊदी परिवहन मंत्रालय के एक अधिकारी ने समाचार एजेंसी एएफपी को इसकी जानकारी दी. अधिकारी को प्रेस से बात करने की अनुमति नहीं है इसलिए नाम न छापने की शर्त पर उन्होंने बताया, '10 से अधिक वर्षों में सऊदी अरब से सीरियाई क्षेत्र में उतरने वाला यह पहला विमान है.'

सऊदी की समाचार एजेंसी सना ने कहा कि सऊदी विमान 35 टन खाद्य सहायता लेकर अलेप्पो अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा है. इससे पहले साल फरवरी 2012 में सऊदी का कोई विमान हवाई अड्डे पर उतरा था.

युद्धग्रस्त सीरिया पड़ा है अलग-थलग

सीरिया में पिछले एक दशक से युद्ध की स्थिति बनी हुई है. वहां की बशर अल असद सरकार अमेरिका, पश्चिमी देशों, अरब देशों के निशाने पर रही है. सीरिया की सरकार पर कई तरह के प्रतिबंध लगे हैं और ईरान जैसे कुछ देशों को छोड़कर पूरी दुनिया में अछूत बनी हुई है. ऐसे में जब वहां भूकंप ने तबाही मचाई, तब राहत और बचाव कार्य में काफी दिक्कतें आ रही हैं. 

सऊदी अरब ने 2012 में राष्ट्रपति बशर अल-असद की सरकार से संबंध तोड़ लिए थे और युद्ध के दौरान असद की सरकार के खिलाफ विद्रोहियों का समर्थन किया. सीरिया में युद्ध को अब 12 साल हो गए हैं और सऊदी अब भी विद्रोही संगठनों को हथियार और अन्य किस्म की मदद पहुंचाता रहता है.

लेकिन तबाही के इस समय में सऊदी अरब ने सीरिया के विद्रोही कब्जे वाले इलाकों और सरकार के नियंत्रण वाले इलाकों, दोनों क्षेत्रों को सहायता देने का वादा किया है.

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