
अक्षर पटेल को बाहर करना टीम इंडिया के लिए कैसे बड़ी ग़लती साबित हुआ
BBC
टी-20 वर्ल्ड कप में भारतीय क्रिकेट टीम की हार रिकॉर्ड बुक्स में दक्षिण अफ्रीका से 76 रन की शिकस्त के रूप में दर्ज की जाएगी. लेकिन असली कहानी यह है कि यह हार कैसे गढ़ी गई.
मोटेरा में भारत ने सिर्फ़ ख़राब खेल नहीं दिखाया, बल्कि उसकी योजना और रणनीति भी बेहद अदूरदर्शी साबित हुई. सुपर 8 मुक़ाबले में दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ़ ऑलराउंडर अक्षर पटेल को प्लेइंग 11 से बाहर किए जाने से हर कोई हैरान था.
भारतीय टीम प्रबंधन की इस सोच ने यह भी दिखाया कि चयन का एक ग़लत फ़ैसला, कैसे टीम की स्पष्टता, खेल समझ और अहम दौर में उसकी स्थिति को प्रभावित करता है.
इस घरेलू मैदान पर उपकप्तान अक्षर पटेल को बेंच पर बैठाने का फ़ैसला केवल एक बार की चूक नहीं थी. यह ड्रेसिंग रूम की उलझी हुई सोच की झलक थी, जो अक्सर मैदान पर खिलाड़ियों के व्यक्तिगत प्रदर्शन के पीछे छिप जाती है.
यह भी दिखा कि टीम ने एक तरह के मैच की तैयारी की थी, लेकिन जब परिस्थितियां बदलीं तो वह ख़ुद को ढाल नहीं सकी. मोटेरा में ऐसा ही हुआ, जिसका फ़ायदा दक्षिण अफ़्रीका ने उठाया.
आख़िरकार भारत का ग़लत शॉट पूरे पतन का प्रतीक बन गया, जबकि दक्षिण अफ़्रीका ने मुश्किल हालात से वापसी की. उनके नियमित स्पिनर केशव महाराज ने ज़िम्मेदारी निभाई. वह न सिर्फ़ चयन में भरोसे के काबिल थे, बल्कि प्रदर्शन भी किया, ठीक वैसे ही जैसे पटेल करते हैं.
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