
Virat Kohli And Rohit Sharma: रोहित-कोहली का भविष्य तय करेगी चैम्पियंस ट्रॉफी... BCCI की रिव्यू मीटिंग में लिए गए बड़े फैसले
AajTak
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1-3 से सीरीज हार के बाद बीसीसीआई ने रिव्यू मीटिंग बुलाई थी. इस मीटिंग का उद्देश्य यह समझना था कि ऑस्ट्रेलिया दौरे में टीम इंडिया के साथ क्या गलत हुआ. रिव्यू मीटिंग में कप्तान रोहित शर्मा और हेड कोच गौतम गंभीर भी शामिल हुए थे.
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में भारतीय टीम को 1-3 से हार का सामना करना पड़ा था. इसके चलते भारतीय टीम ने 10 साल बाद बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी (BGT) गंवा दी थी. साथ ही भारतीय टीम वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप के फाइनल में भी नहीं पहुंच सकी थी. ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) ने 11 जनवरी (रविवार) को मुंबई में रिव्यू मीटिंग बुलाई.
कोहली-रोहित के फ्यूचर पर मीटिंग में हुई चर्चा
इस मीटिंग का उद्देश्य यह समझना था कि ऑस्ट्रेलिया दौरे में टीम इंडिया के साथ क्या गलत हुआ. रिव्यू मीटिंग में कप्तान रोहित शर्मा, हेड कोच गौतम गंभीर, बीसीसीआई अध्यक्ष रोजर बिन्नी, सचिव देवजीत सैकिया और उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला शामिल हुए. यह बैठक करीब 2 घंटे तक चली. मैनेजमेंट ने इस दौरान न्यूजीलैंड के खिलाफ भी भारतीय टीम के प्रदर्शन की समीक्षा की, जहां रोहित ब्रिगेड को अपने घर में टेस्ट सीरीज में 0-3 से करारी हार झेलनी पड़ी थी.
सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में रोहित शर्मा और विराट कोहली के प्रदर्शन पर चर्चा हुई. समझा जाता है कि दोनों खिलाड़ियों को मैदान पर अच्छा प्रदर्शन करने के लिए कहा गया है. साथ ही मीटिंग में रोहित शर्मा की कप्तानी को लेकर भी बात हुई. पूरे घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले सूत्र ने आजतक को बताया, 'अभी कुछ नहीं होने वाला है, लेकिन मैनेजमेंट चैम्पियंस ट्रॉफी के बाद कप्तानी को लेकर फैसला हो सकता है. अगर चीजें नहीं बदलीं तो आप कप्तानी को लेकर कुछ कदम उठाए जा सकते हैं.'
सूत्र ने आगे कहा, 'जहां तक विराट कोहली का सवाल है, उन्हें भी कुछ रन बनाने की जरूरत है. लेकिन मुझे नहीं लगता कि दोनों टेस्ट से बाहर हो जाएंगे. सब कुछ चैम्पियंस ट्रॉफी के प्रदर्शन पर निर्भर करता है. टीम मैनेजमेंट इस बात को लेकर खुश नहीं है खिलाड़ी द्विपक्षीय सीरीज और घरेलू टूर्नामेंट्स से दूरी बनाते हैं.' सूत्र ने कहा कि ऐसे कहा कि ऐसे खिलाड़ियों का चयन नहीं किया जाएगा. खिलाड़ियों को घरेलू मैचों में भाग लेना होगा. खिलाड़ियों और चयनकर्ताओं को भी सख्ती से इसकी जानकारी दे दी गई है.'
बल्लेबाजों के प्रदर्शन पर हुई गंभीर चर्चा

2003 के क्रिकेट वर्ल्ड फाइनल में भारतीय टीम खिताब जीतने के लिए मैदान पर उतरी थी, लेकिन कुछ ही घंटों में ये सपना टूट गया था. रिकी पोंटिंग की तूफानी पारी, वीरेंद्र सहवाग की अकेली जंग और 'स्प्रिंग बैट' की रहस्यमयी अफवाहों ने इस मुकाबले को सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि क्रिकेट इतिहास की सबसे चर्चित और यादगार कहानी बना दिया.












