
US के कैलिफोर्निया में दाढ़ी कटवाने के फरमान पर बवाल, सिख- मुस्लिम विरोधी बताकर प्रोटेस्ट में उतरे संगठन
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अमेरिका के कैलिफोर्निया डिपार्टमेंट ऑफ करेक्शंस एंड रिहैबिलिटेशन (CDCR) ने एक फरवरी को आदेश में कहा कि स्टाफ के सदस्यों को दाढ़ी कटवानी होगी. भले ही उनके पास दाढ़ी रखने के लिए कोई भी धार्मिक या चिकित्सीय कारण हो. इसको लेकर यूएस में बवाल मच गया है. कई संगठन इसके खिलाफ विरोध में उतर आए हैं.
अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य में दाढ़ी कटवाने के आदेश पर बवाल हो गया है. लॉ इंफोर्समेंट एजेंसी की ओर से कहा गया कि किसी भी धार्मिक या चिकित्सीय वजह से दाढ़ी रखने वाले लोगों को शेव करवानी होगी. नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि ये कदम सिखों और ब्लैक अमेरिकियों को टारगेट करने के लिए उठाया गया है.
कैलिफोर्निया डिपार्टमेंट ऑफ करेक्शंस एंड रिहैबिलिटेशन (CDCR) ने एक फरवरी को आदेश में कहा कि स्टाफ के सदस्यों को दाढ़ी कटवानी होगी. भले ही उनके पास दाढ़ी रखने के लिए कोई भी धार्मिक या चिकित्सीय कारण हो. CDCR के एक अधिकारी ने कहा कि कोविड-19 सुरक्षा उपायों को देखते हुए ये आदेश जारी किया गया है.
उत्तरी कैलिफोर्निया के अमेरिकन सिविल लिबर्टीज यूनियन और सिख गठबंधन के अनुसार, नई नीति सिख और काले अमेरिकियों जैसे धार्मिक अल्पसंख्यकों को असमान रूप से टारगेट करेगी. सिख गठबंधन की वरिष्ठ कानूनी सलाहकार हरसिमरन कौर ने एनबीसी न्यूज को बताया कि उन्होंने इस व्यापक नीति को लागू किया है कि सभी अधिकारियों को N-95 मास्क पहनने के लिए दाढ़ी कटवानी होगी.
कौर ने कहा, "लेकिन हम जानते हैं कि वैकल्पिक रेस्पिरेटर्स हैं जिन्हें दाढ़ी वाले लोग अपना काम करने के लिए सुरक्षित रूप से पहन सकते हैं. हमें लगता है कि दाढ़ी वाले लोगों को सुरक्षित रखने और उनके नागरिक अधिकारों को रौंदने का एक तरीका है."
द वाशिंगटन पोस्ट के अनुसार, बीते साल 23 दिसंबर को एक अमेरिकी अदालत ने फैसला सुनाया था कि अमेरिकी सशस्त्र बलों का एक हिस्सा मरीन कॉर्प्स में दाढ़ी और पगड़ी के साथ सिखों के प्रवेश को प्रतिबंधित नहीं किया जा सकता है. इस आदेश से ट्रेनिंग के लिए भर्ती हुए तीन सिखों के लिए राहत के रूप में आया था.

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