
'भारत में AI के लिए भुगतान क्यों कर रहे अमेरिकी?', व्हाइट हाउस के ट्रेड एडवाइजर का बयान
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व्हाइट हाउस के ट्रेड एडवाइजर पीटर नवारे ने भारत में एआई को लेकर अमेरिकी नागरिकों की ओर से भुगतान किए जाने का सवाल उठाया है. नवारे का बयान ऐसे समय आया है, जब दोनों देशों के बीच ट्रेड डील पर बातचीत चल रही है.
अमेरिका के राष्ट्रपति के आवास व्हाइट हाउस के ट्रेड एडवाइजर पीटर नवारे ने फिर से भारत की आलोचना की है. भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड को लेकर चल रही बातचीत के बीच नवारे ने सवालिया अंदाज में कहा है कि भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के लिए अमेरिकी नागरिक क्यों भुगतान कर रहे हैं.
एक अमेरिकी मीडिया हाउस को दिए इंटरव्यू में नवारे ने कहा है कि यह ऐसा है, जैसे अमेरिकी भारत में एआई के लिए भुगतान क्यों कर रहे हैं? उन्होंने कहा कि चैट जीपीटी अमेरिका की धरती पर काम कर रहा है, अमेरिकी बिजली का इस्तेमाल कर रहा है और उदाहरण के तौर पर भारत, चीन तथा दुनिया के अन्य हिस्सों में बड़े उपयोगकर्ताओं को सेवाएं दे रहा है. व्हाइट हाउस के ट्रेड एडवाइजर ने कहा कि यह एक और मुद्दा है, जिससे निपटना होगा.
पीटर नवारे पिछले साल रूस से तेल खरीद और ऊंचे टैरिफ को लेकर भारत पर लगातार हमलावर थे. नवारे ने भारत को टैरिफ का महाराज तक बता दिया था. उन्होंने भारत के रूस से तेल खरीदने को 'ब्लड मनी' तक कह दिया था और ये भी कहा था कि यूक्रेन संघर्ष से पहले दिल्ली इतनी बड़ी मात्रा में मॉस्को से तेल नहीं खरीदता था. पीटर नवारे के निशाने पर ब्रिक्स देश भी थे.
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पीटर नवारे ने ब्रिक्स देशों को निशाना बनाते हुए कहा था कि इस समूह का कोई भी देश अमेरिका को सामान बेचे बिना टिक नहीं सकता. जब वे अमेरिका को निर्यात करते हैं, तो उनकी निर्यात गतिविधियां अनुचित व्यापार प्रथा के जरिये हमारा खून चूसने वाले पिशाच जैसी हैं. व्हाइट हाउस के ट्रेड एडवाइजर पीटर नवारे भारत और ब्रिक्स देशों पर हमलावर रहे हैं.
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