
'ईरान में नए लीडरशिप की जरूरत', खामेनेई के बयान के बाद ट्रंप की खुली धमकी
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के दशकों पुराने शासन को खत्म करने की खुली मांग की है. खामेनेई द्वारा अमेरिका पर हिंसा भड़काने के आरोपों के बाद दोनों देशों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है.
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खुलकर सामने आ गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के शासन को समाप्त करने की खुली वकालत करते हुए कहा कि अब ईरान में नई लीडरशिप की जरूरत है. यह बयान ऐसे समय आया है, जब खामेनेई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ट्रंप पर ईरान में हिंसक अशांति भड़काने का आरोप लगाया था.
पोलिटिको से बातचीत में ट्रंप ने कहा, "अब समय आ गया है कि ईरान के लिए नई लीडरशिप के बारे में सोचा जाए." उन्होंने खामेनेई के उन बयानों पर प्रतिक्रिया दी, जिनमें ईरानी सर्वोच्च नेता ने हालिया विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा और मौतों के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया था. खामेनेई ने अपने पोस्ट में अमेरिका और इजरायल पर आरोप लगाया कि दोनों देशों से जुड़े समूहों ने आगजनी, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान और जानबूझकर अराजकता फैलाने का काम किया.
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ईरान में 28 दिसंबर 2025 से आर्थिक बदहाली के खिलाफ शुरू हुए विरोध प्रदर्शन धीरे-धीरे इस्लामिक रिपब्लिक में धार्मिक शासन को खत्म करने की मांग में बदल गए. मानवाधिकार संगठनों का दावा है कि बीते तीन हफ्तों में हजारों प्रदर्शनकारियों की मौत हुई है. इसको लेकर ट्रंप पहले ही ईरान को चेतावनी दे चुके हैं कि अगर प्रदर्शनकारियों को फांसी दी गई तो अमेरिका "बहुत कड़ा कदम" उठा सकता है.
हालांकि शुक्रवार को ट्रंप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में यह भी कहा था कि ईरानी नेतृत्व ने सामूहिक फांसी की योजना रोक दी है, जबकि ईरान ने ऐसे किसी इरादे से इनकार किया.
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ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों में अब तक हजारों लोगों की मौत हो चुकी है. अयातुल्ला अली खामेनेई की हुकूमत ने प्रदर्शनकारियों को कुचलने के लिए फांसी जैसे खौफनाक कदम उठाने का फैसला किया तो अमेरिका ने सीधे एक्शन की चेतावनी दे डाली. हालांकि बाद में ईरान और ट्रंप के ताजा बयानों ने दुनिया को थोड़ी राहत दी. मगर ईरान संकट अब सिर्फ एक देश का नहीं, बल्कि वैश्विक टकराव का संकेत बनता जा रहा है.

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