
मध्य पूर्व शांति पहल में भारत को मिली बड़ी जिम्मेदारी, गाजा पीस बोर्ड के लिए ट्रंप का पीएम मोदी को आमंत्रण
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अमेरिका ने भारत सहित पांच देशों को गाजा बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने का निमंत्रण दिया है, जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल-हमास युद्ध समाप्ति योजना का हिस्सा बताया है. यह बोर्ड गाजा के रोज़मर्रा के मामलों की देखरेख करेगा और युद्धविराम को सुनिश्चित करेगा.
अमेरिका ने भारत को गाजा बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने का निमंत्रण दिया है. यह बोर्ड अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की योजना का दूसरा चरण है, जिसका उद्देश्य इस्राइल-हमास युद्ध को समाप्त करना है.
ट्रंप ने गुरुवार को गाजा बोर्ड ऑफ पीस के दूसरे चरण के गठन की घोषणा की, जिसे वे इस युद्ध को खत्म करने के लिए एक अहम कदम मानते हैं.
यह बोर्ड गाजा के रोजमर्रा के मामलों को संभालने के लिए एक तकनीकी समिति का पर्यवेक्षण करेगा और यह व्यापक युद्धविराम ढांचे का हिस्सा होगा. बोर्ड का उद्देश्य गाजा क्षेत्र में स्थिरता लाना और वहां के रिकंस्ट्रक्शन के लिए स्ट्रैटेजी बनाना है. ट्रंप की योजना के तहत, गाजा को फिर से रहने लायक़ बेहतर बनाने के लिए आवश्यक धनराशि जुटाई जाएगी, जिससे क्षेत्र की स्थिति हर स्तर पर बेहतर हो सके.
अमेरिका ने भारत के अलावा कम से कम चार अन्य देशों को भी इस बोर्ड में शामिल होने का निमंत्रण दिया है. एक अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, जो इस योजना के चार्टर से परिचित हैं, यदि कोई देश स्थायी सदस्यता चाहता है तो उसे 1 अरब अमेरिकी डॉलर का योगदान देना होगा, जबकि तीन साल के लिए सदस्यता प्राप्त करने के लिए कोई फाइनेंशियल कमिटमेंट जरूरी नहीं है.
यह कदम वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती भूमिका और इसके महत्वपूर्ण जियोपॉलिटिकल प्रभाव को दर्शाता है. वर्तमान में दुनिया में चल रहे संघर्षों के बीच भारत का यह स्थान स्थिरता और संधि प्रक्रिया में एक सक्रिय भागीदार बनने की ओर इशारा करता है.

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