
'ग्रीनलैंड पर ट्रंप से बात हुई...', तनाव के बीच आया NATO प्रमुख का बयान, डेनमार्क बोला- ब्लैकमेल नहीं होंगे
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ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका और डेनमार्क में बढ़ते तनाव के बीच नाटो प्रमुख मार्क रुटे कहा है कि इस मुद्दे पर ट्रंप से हमारी बात हुई है. उन्होंने कहा है कि हमें अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से इस हफ्ते मुलाकात का इंतजार है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है. ग्रीनलैंड को अमेरिका में मिलाने की मुहिम का विरोध कर रहे आठ यूरोपीय देशों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने की ट्रंप की धमकी के बीच अब NATO प्रमुख का भी बयान आया है. NATO प्रमुख मार्क रुटे ने कहा है कि ग्रीनलैंड और आर्कटिक क्षेत्र के सुरक्षा हालात को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ बात हुई है.
NATO प्रमुख ने यह भी कहा है कि इस विषय पर हम अपनी पहल जारी रखेंगे और उम्मीद है कि इस हफ्ते के अंत में डावोस में राष्ट्रपति ट्रंप के साथ मुलाकात की प्रतीक्षा कर रहा हूं. वहीं, इसे लेकर डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन का भी बयान आया है. डेनमार्क की पीएम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर पोस्ट किए अपने लिखित बयान में यूरोपीय संघ के रुख की तारीफ की है.
उन्होंने अपने बयान में ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ धमकियों पर यूरोपीय संघ के उस संदेश की तारीफ की है, जिसमें कहा गया है कि हम ब्लैकमेल करने की कोशिशों के आगे नहीं झुकेंगे. फ्रेडरिक्सन ने कहा है कि ट्रंप के टैरिफ लगाने की घोषणा करने के बाद हमारी सरकार सहयोगी देशों के साथ लगातार संपर्क में है. उन्होंने जर्मनी के फ्रेडरिक मर्ज़, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर सहित कई नेताओं के साथ बातचीत की जानकारी दी है और कहा है कि हम गहन संवाद कर रहे हैं.
डेनमार्क की प्रधानमंत्री ने अपनी फेसबुक पोस्ट में यह भी कहा है कि हमें व्यापक समर्थन मिल रहा है. अब यह और स्पष्ट हो गया है कि यह मामला हमारी सीमाओं से कहीं आगे का है. उन्होंने अपने लिखित बयान में कहा है कि हम उन मूल्यों पर मजबूती से डटे रहें, जिनके आधार पर यूरोपीय संघ बना है. यह और भी जरूरी है. डेनमार्क की पीएम ने कहा कि हम टकराव नहीं, सहयोग करना चाहते हैं और पूरे यूरोप से आ रहे एक जैसे संदेशों से मुझे खुशी है. यूरोप को ब्लैकमेल नहीं किया जा सकता.
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नीदरलैंड के विदेश मंत्री डेविड वान वील ने डच टेलीविजन से बात करते हुए कहा कि ट्रंप जो कर रहे हैं, वह ब्लैकमेल है. फ्रांस ने यूरोपीय संघ की आपात बैठक में ऐसे कदम उठाने का प्रस्ताव रखा है, जो अब तक कभी इस्तेमाल नहीं हुए हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की करीबी मानी जाने वाली इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने ग्रीनलैंड मुद्दे पर टैरिफ धमकी को एक गलती बताया है. अपनी कोरिया यात्रा के दौरान एक ब्रीफिंग में जॉर्जिया मेलोनी ने कहा कि कुछ घंटे पहले ही ट्रंप से बात कर उन्हें अपनी राय साफ बता दी है.

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