
Sourav Ganguly BCCI President: बीसीसीआई से 'दरकिनार' हुए प्रेसिडेंट सौरव गांगुली का छलका दर्द, बोले- हर कोई एक ही पद पर हमेशा नहीं...
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सौरव गांगुली की बीसीसीआई के मौजूदा प्रेसिडेंट से विदाई लगभग तय है. अब सौरव गांगुली ने इस पूरे मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ी है. गांगली का मानना है कि हर कोई किसी एक पद पर हमेशा नहीं रह सकता है. गांगुली का मानना है कि प्रशासक होने की तुलना में क्रिकेट खेलना कठिन है. गांगुली ने कहा कि कोई एक दिन में नरेंद्र मोदी या सचिन तेंदुलकर नहीं बन जाता.
सौरव गांगुली की बीसीसीआई के मौजूदा प्रेसिडेंट से विदाई लगभग तय है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गांगुली को एक और कार्यकाल नहीं मिलने जा रहा है. गांगुली की जगह 1983 के क्रिकेट वर्ल्ड कप विजेता टीम के सदस्य रहे रोजर बिन्नी को अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी जा सकती है. रोजर बिन्नी ने तो अपना नॉमिनेशन भी फाइल कर दिया था और उनके निर्विरोध निर्वाचित होने की संभावना है.
अब सौरव गांगुली ने इस पूरे मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ी है. गांगुली का मानना है कि हर कोई किसी एक पद पर हमेशा नहीं रह सकता है. गांगुली का मानना है कि प्रशासक होने की तुलना में क्रिकेट खेलना कठिन है. गांगुली ने कहा कि कोई एक दिन में नरेंद्र मोदी या सचिन तेंदुलकर नहीं बन जाता.'
हमेशा के लिए कोई एडमिन नहीं रहता
गांगुली ने बताया, 'एक क्रिकेटर के रूप में चुनौती बहुत अधिक थी, एक प्रशासक के रूप में आपके पास चीजों को ठीक करने का समय है, लेकिन अगर आपको टेस्ट की पहली सुबह ग्लेन मैक्ग्रा की गेंद पर किनारा दे बैठते हैं तो उसे ठीक करने का समय नहीं होता है. हमेशा के लिए कोई एडमिन या स्पोर्ट्स मैन नहीं हो सकता. हर कोई हमेशा के लिए एक भूमिका में नहीं हो सकत. चाहे वह एक खिलाड़ी के रूप में हो या एक प्रशासक के रूप में.'
एक दिन में कोई सचिन नहीं बन जाता: गांगुली
50 साल के गांगुली ने आगे बताया, 'हर किसी को अरसे समय तक बने रहने के लिए कुछ स्टेप लेने होते हैं. आपको इसे हर महीने करना चाहिए.आप एक दिन में सचिन तेंदुलकर नहीं बनते हैं. आप एक दिन में नरेंद्र मोदी नहीं बन जाते. आपने इसे इतना सफल बनाने के लिए क्या किया. हम सभी अंत देखते हैं.'

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