
Ravichandran Ashwin: नहीं बनती है अश्विन के लिए वनडे टीम में जगह! युवा संभालेंगे स्पिन की जिम्मेदारी
AajTak
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ लगभग 5 साल बाद टीम वनडे खेल रहे रविचंद्रन अश्विन बुरी तरह से फ्लॉप रहे. पार्ल की जिस विकेट पर केशव महाराज और तबरेज शम्सी एक के बाद एक विकेट निकाल रहे थे उस विकेट पर रविचंद्रन अश्विन 2 पारियों में सिर्फ 1 विकेट झटक पाए.
किसी भी बड़े टूर्नामेंट में जाने से पहले ऐसे खिलाड़ी चुने जाते हैं, जो टीम की रणनीति में फिट बैठ सकें. 2019 के विश्व कप में टीम चयन और अहम मौकों पर टीम मैनेजमेंट के द्वारा लिए गए फैसलों पर सवाल उठे थे. तब के फैसले बाद में भी परेशान करते रहे. दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 3 मुकाबलों की वनडे सीरीज में हार टीम इंडिया के लिए एक 'वेक-अप कॉल' की तरह ही थी. टीम इंडिया ने इस हार के बाद अपने टीम सेलेक्शन में थोड़ा सुधार कर भविष्य के लिए सोचने की तरफ कदम रख दिया है. टीम में 35 साल के रविचंद्रन अश्विन को वेस्टइंडीज के खिलाफ मौका न मिलना भी इसी की एक झलक है. हालांकि इसके पीछे चोट को एक वजह बताई गई है, लेकिन अश्विन के लिए वनडे क्रिकेट में रास्ते लगभग बंद होते नजर आ रहे हैं.

2003 के क्रिकेट वर्ल्ड फाइनल में भारतीय टीम खिताब जीतने के लिए मैदान पर उतरी थी, लेकिन कुछ ही घंटों में ये सपना टूट गया था. रिकी पोंटिंग की तूफानी पारी, वीरेंद्र सहवाग की अकेली जंग और 'स्प्रिंग बैट' की रहस्यमयी अफवाहों ने इस मुकाबले को सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि क्रिकेट इतिहास की सबसे चर्चित और यादगार कहानी बना दिया.












