
Rahul Dravid: एजबेस्टन में उभर कर आई टीम इंडिया की ये 'बीमारी', जिसे राहुल द्रविड़ भी ठीक नहीं कर पा रहे
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इंग्लैंड ने एजबेस्टन टेस्ट में भारतीय टीम को 7 विकेट से हराया. इस नतीजे के बाद दोनों टीमों के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज 2-2 से ड्रॉ पर खत्म हुई...
Rahul Dravid: टीम इंडिया का टेस्ट क्रिकेट में कुछ सालों में प्रदर्शन शानदार रहा है, जबकि पिछले कुछ महीनों में भारतीय टीम का परफॉर्मेंस बेकार ही रहा है. यह बात भारतीय टीम के कोच राहुल द्रविड़ ने भी स्वीकार की है. टेस्ट मैच में भारतीय टीम शुरुआत तो ठीक करती है, लेकिन तीसरी पारी में आकर उसे पता नहीं क्या हो जाता है.
तीसरी पारी में आकर भारतीय टीम की बल्लेबाजी एकदम बंटाधार हो जाती है. यह बात पिछली साउथ अफ्रीका सीरीज और अब इंग्लैंड के खिलाफ एजबेस्टन टेस्ट में भी साबित हुई है. टीम इंडिया इन तीनों टेस्ट में 240, 212 और अब 378 रनों का टारगेट देकर भी हार गई.
भारतीय टीम की बल्लेबाजी तीसरी पारी में जाकर कमजोर साबित हो रही है. इसको कोच राहुल द्रविड़ भी सुधारने की कोशिश में जुटे हैं, लेकिन अभी तक तो वो भी असफल ही साबित होते दिखे हैं. जब कोच राहुल से इस कमी को सुधारने और इस पर एनालिसिस करने को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने मजाकिया अंदाज में जवाब दिया.
तीसरी पारी में भारत का स्कोर और हार
जोहानिसबर्ग टेस्ट- 266 रन, 7 विकेट से हारकेपटाउन टेस्ट- 198 रन, 7 विकेट से हारएजबेस्टन टेस्ट- 245 रन, 7 विकेट से हार
'...लगातार काफी क्रिकेट हो रही है'

2003 के क्रिकेट वर्ल्ड फाइनल में भारतीय टीम खिताब जीतने के लिए मैदान पर उतरी थी, लेकिन कुछ ही घंटों में ये सपना टूट गया था. रिकी पोंटिंग की तूफानी पारी, वीरेंद्र सहवाग की अकेली जंग और 'स्प्रिंग बैट' की रहस्यमयी अफवाहों ने इस मुकाबले को सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि क्रिकेट इतिहास की सबसे चर्चित और यादगार कहानी बना दिया.












