
Prithvi Shaw: कभी तेंदुलकर, लारा, सहवाग से होती थी तुलना... अब घरेलू क्रिकेट खेलने को तरसा ये भारतीय क्रिकेटर
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भारतीय क्रिकेटर पृथ्वी शॉ ने अपना आखिरी इंटरनेशनल मुकाबला 25 जुलाई 2021 को खेला था. उसके बाद से पृथ्वी भारतीय टीम से बाहर चल रहे हैं. अब ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज और टीम इंडिया पूर्व कोच ग्रेग चैपल ने पृथ्वी शॉ का मनोबल बढ़ाया है.
स्टार भारतीय क्रिकेटर पृथ्वी शॉ शनिवार (9 नवंबर) को 25 साल के हो गए. कभी पृथ्वी शॉ की तुलना टीम इंडिया के पूर्व ओपनर वीरेंद्र सहवाग और 'क्रिकेट के भगवान' सचिन तेंदुलकर से होती थी. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने तो पृथ्वी को 'अगले सचिन तेंदुलकर' के तौर पर एक वीडियो में नामित किया था. लेकिन अब पृथ्वी शॉ की किस्मत उनका साथ नहीं दे रही है.
अब पृथ्वी शॉ को टीम इंडिया तो दूर... अब घरेलू क्रिकेट में भी मौका नहीं मिल रहा है. पृथ्वी रणजी ट्रॉफी के मौजूदा सीजन में मुंबई की टीम से बाहर कर दिए गए. पृथ्वी ने जरूर शुरुआती दो मुकाबले खेले थे, लेकिन उसके बाद उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया. इस सीजन में दो रणजी मैचों में उनके स्कोर 7 और 12 (बड़ौदा के खिलाफ), 1 और नाबाद 39 (महाराष्ट्र के खिलाफ) रहे.
क्या ज्यादा वजन की वजह से बाहर हुए पृथ्वी?
मुंबई टीम के सेलेक्टर्स और टीम मैनेजमेंट का मानना है कि पृथ्वी शॉ का वजन बहुत ज्यादा है. यह भी पाया गया है कि वह नेट प्रैक्टिस सेशन को गंभीरता से नहीं लेते और उनमें अनियमित रूप से शामिल होते हैं. पृथ्वी ने भारत के लिए अब तक पांच टेस्ट, छह वनडे और एक टी20 इंटरनेशनल मुकाबला खेला है. साल 2018 में राजकोट में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने डेब्यू टेस्ट में ही शतक बनाने के बाद उन्हें 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया था.
पृथ्वी शॉ ने अपना आखिरी इंटरनेशनल मुकाबला 25 जुलाई 2021 को खेला था. यह उनका टी20 इंटरनेशनल का डेब्यू मैच भी रहा. श्रीलंका के खिलाफ खेले गए उस डेब्यू टी20 मैच में पृथ्वी खाता भी नहीं खोल सके थे. वो पहली ही बॉल पर आउट हो गए थे. यानी पृथ्वी को टी20I डेब्यू के बाद से भारतीय टीम में जगह नहीं मिली. यही नहीं आईपीएल 2025 की मेगा नीलामी से पहले पृथ्वी को दिल्ली कैपिटल्स (DC) ने भी रिलीज कर दिया है.
पृथ्वी शॉ का विवादों से भी गहरा नाता

2003 के क्रिकेट वर्ल्ड फाइनल में भारतीय टीम खिताब जीतने के लिए मैदान पर उतरी थी, लेकिन कुछ ही घंटों में ये सपना टूट गया था. रिकी पोंटिंग की तूफानी पारी, वीरेंद्र सहवाग की अकेली जंग और 'स्प्रिंग बैट' की रहस्यमयी अफवाहों ने इस मुकाबले को सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि क्रिकेट इतिहास की सबसे चर्चित और यादगार कहानी बना दिया.












